सार
शिलांग में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच मामूली झड़प के बाद, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एलआर बिश्नोई के नेतृत्व में मेघालय पुलिस ने शुक्रवार को शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों के नेताओं और छात्र नेताओं के साथ बातचीत की।
मेघालय के छात्र गुवाहाटी पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला
मणिपुर की हिंसा मेघालय भी पहुंच गई, लेकिन पुलिस ने इसे समय रहते काबू कर लिया। शुक्रवार शाम को मेघालय की राजधानी शिलांग में पुलिस महानिदेशक की अगुवाई में एक शांति बैठक का आयोजन किया गया और दोनों समुदायों के छात्र नेताओं से बातचीत की। इस बीच, मणिपुर से मेघालय के 66 विद्यार्थियों का पहला जत्था शुक्रवार शाम को गुवाहाटी पहुंचा।
शिलांग में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच मामूली झड़प के बाद, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एलआर बिश्नोई के नेतृत्व में मेघालय पुलिस ने शुक्रवार को शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों के नेताओं और छात्र नेताओं के साथ बातचीत की। डीजीपी ने बताया कि दोनों समुदायों के नेताओं ने पुलिस अधिकारियों को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। डीजीपी बिश्नोई ने अमर उजाला को बताया कि हालात बिल्कुल सामान्य हैं। दोनों समुदायों के नेताओं के साथ बैठक की, ताकि शांति रहे। बैठक में सभी ने पुलिस का पूरा सहयोग करने का आश्वास दिया।
ईस्ट खाली हिल्स के एसपी सिलवेस्टर नोंटिगर ने अमर उजाला को बताया कि गुरुवार शाम को कुकी और मैतेई समुदाय के कुछ विद्यार्थियों के बीच आपस में झड़प हो गई थी। अब यहां स्थिति पूरी तरह शांत है। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए कुछ विद्यार्थियों से धारा 107 तहत पूछताछ की थी।
इस बीच, मणिपुर के हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों से विद्यार्थियों का अपने राज्य में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मणिपुर से मेघालय के 66 विद्यार्थियों का एक जत्था शुक्रवार शाम को गुवाहाटी हवाई अड्डा पहुंचा। यहां से वे मेघालय जाएंगे। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को ही मेघालय के मुख्यमंत्री कॉरनाड संगमा ने विद्यार्थियों को सकुशल निकासी कराने का आश्वासन दिया था।