केरल की तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद शशि थरूर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने पर केरल ईकाई के अध्यक्ष मुलापल्ली रामचंद्र ने स्पष्टीकरण मांगा। जिसका उन्होंने जवाब दे दिया है। केरल ईकाई के अध्यक्ष उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट हैं। इसलिए उन्होंने थरूर के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न करने का फैसला लिया है।
दरअसल, मंगलवार को थरूर से रामचंद्र ने प्रधानमंत्री की तारीफ करने पर स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने कहा था कि हम थरूर से प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करने को लेकर स्पष्टीकरण चाहते हैं। उनके स्पष्टीकरण के आधार पर ही भविष्य की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
हाल ही में कुछ लोगों के ट्वीट का जवाब देते हुए थरूर ने कहा था, 'जैसा कि आप जानते हैं, मैं छह साल से यह दलील देते आ रहा हूं कि मोदी जब भी कुछ अच्छा कहते हैं या सही चीज करते हैं तो उनकी तारीफ करनी चाहिए। ऐसा करने के बाद जब हम उनकी गलतियों की आलोचना करेंगे तो हमारी बात की विश्वसनीयता बढ़ेगी। मैं विपक्ष के उन लोगों का स्वागत करता हूं जो मेरे विचार से मिलती-जुलती बात कर रहे हैं।'
यह बयान उन्होंने तब दिया था जब कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने कहा था कि मोदी को हमेशा खलनायक की तरह पेश करना सही नहीं है। जयराम रमेश ने एक किताब के विमोचन के दौरान 21 अगस्त को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन का मॉडल पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना तथा हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है।
उन्होंने कहा कि यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझे, जिसके कारण वह सत्ता में दोबारा लौटे। इसी के कारण 30 प्रतिशत मतदाताओं ने उनकी सत्ता वापसी करवाई। जयराम रमेश की बात का अभिषेक मनु सिंघवी ने भी समर्थन किया था।