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‘वार एंड पीस’ उपन्यास पर कोर्ट की टिप्पणी, जयराम रमेश का कटाक्ष- ‘न्यू इंडिया में स्वागत है’

Thu, 29 Aug 2019 02:36 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जयराम रमेश (फाइल फोटो)
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बंबई उच्च न्यायालय द्वारा एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले के आरोपी वर्नोन गोन्जाल्विस से टॉल्सटाय के उपन्यास वार एंड पीस की प्रति होने के बारे में सवाल किए जाने को लेकर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यू इंडिया में स्वागत है। 

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रमेश ने ट्वीट कर कहा कि यह वाकई अजीबो-गरीब है कि बंबई उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश पूछ रहे हैं कि उनके पास टॉल्सटाय की वार एंड पीस की प्रति क्यों है। यह सही मायनो में क्लासिक है। सोचिए कि टॉल्सटाय से महात्मा गांधी बहुत प्रभावित थे। न्यू इंडिया में स्वागत है। 

दअरसल, बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले के आरोपी गोन्जाल्विस से यह बताने को कहा कि उन्होंने अपने घर पर लियो टॉल्सटाय की किताब वार एंड पीस और कुछ सीडी जैसी आपत्तिजनक सामग्री क्यों रखी थी। 
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न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की पीठ ने गोन्जाल्विस और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा ऐसी किताबें और सीडी पहली नजर में संकेत देते हैं कि वे राज्य के खिलाफ कुछ सामग्री रखते थे। 

वार एण्ड पीस रूस के प्रसिद्ध लेखक लियो टॉल्सटाय द्वारा रचित उपन्यास है। सुनवाई के दौरान यह उपन्यास बहस का विषय बन गया। उपन्यास वॉर एंड पीस 1869 में रूस पर फ्रांस के आक्रमण और उसके बाद की हालात पर आधारित है और इसे विश्व साहित्य के सबसे उम्दा उपन्यासों में शुमार किया जाता है।

मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस ने दावा किया कि यह एक साल पहले मुंबई में गोन्जाल्विस के घर पर छापे के दौरान जब्त ‘‘बेहद भड़काऊ साक्ष्यों’’ में से एक है। 

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