खराब मौसम के बावजूद कार्यक्रम का होगा आयोजन
भाजपा नेताओं का कहना है कि मौसम के बावजूद कार्यक्रम तय समय पर ही होगा। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। हम वरुण देवता से भी समझौता कर लेंगे। पूरा कार्यक्रम बिना किसी परेशानी के आयोजित किया जाएगा।
पिछले दिन गुरुवार को जब मीडिया टीमों ने ब्रिगेड ग्राउंड का दौरा किया, तब वहां सैकड़ों मजदूर और भारी मशीनें काम में जुटी दिखाई दीं। ट्रकों से लगातार कुर्सियां, लोहे के ढांचे और अन्य सामान पहुंचाया जा रहा था, जबकि क्रेन की मदद से बड़े स्टील स्ट्रक्चर खड़े किए जा रहे थे। आयोजन के लिए तीन विशाल हैंगर तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मुख्य मंच के सामने लगाया जाएगा। मैदान में 30 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाने की तैयारी है।
बारिश और भीड़ को देखते हुए मैदान में मौजूद आवारा जानवरों को हटाने की भी व्यवस्था की गई। गुरुवार शाम करीब 4:45 बजे कोलकाता नगर निगम के विशेष वाहन ब्रिगेड पहुंचे। इन वाहनों के ऊपर पिंजरे लगाए गए थे ताकि मैदान में घूम रहे आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके। कर्मचारियों ने जानवरों को पकड़कर वाहनों में रखा और मैदान से बाहर ले जाया गया।
कितने लोगों के शामिल होने की उम्मीद?
आयोजकों के मुताबिक, समारोह में 50 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्य मंच को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। पहले हिस्से में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, अन्य केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री बैठेंगे। दूसरे हिस्से में राज्यपाल आरएन रवि मौजूद रहेंगे, जो नए मुख्यमंत्री और मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। तीसरे हिस्से में मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण करने वाले नेता और नए मंत्रिमंडल के सदस्य बैठेंगे।
सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण के बाद नए मुख्यमंत्री का राइटर्स बिल्डिंग जाने का भी कार्यक्रम बन सकता है। राइटर्स बिल्डिंग कभी बंगाल सरकार का मुख्य सचिवालय हुआ करता था, लेकिन 2013 में ममता बनर्जी सरकार ने सचिवालय को हावड़ा स्थित नवान्न स्थानांतरित कर दिया था। ऐसे में नए मुख्यमंत्री का राइटर्स बिल्डिंग जाना राजनीतिक और प्रतीकात्मक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की और 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन का अंत किया।