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RG Kar Case: सुप्रीम कोर्ट में कोलकाता की डॉक्टर वाले केस पर सुनवाई, पीड़िता की पहचान उजागर होने पर अदालत सख्त

Mon, 30 Sep 2024 04:44 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

RG Kar Case: पश्चिम बंगाल में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। इस दौरान शीर्ष न्यायालय ने मृतका डॉक्टर की पहचान उजागर होने पर सख्ती जताई है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर (प्रशिक्षु) के दुष्कर्म-हत्या मामले से संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में दलील पेश की गई कि पीड़िता के नाम और फोटो का खुलासा करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट बहुत सारे हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश को दोहराया कि आरजी कर अस्पताल मामले में किसी भी मध्यस्थ को पीड़िता का नाम और फोटो प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सभी सोशल मीडिया मध्यस्थों को पीड़िता का नाम और पहचान उजागर न करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका पिछला आदेश विकिपीडिया तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी सोशल मीडिया मध्यस्थों को पीड़िता का नाम और पहचान उजागर न करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऐसी पोस्ट की जांच के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा और अनधिकृत प्रकाशन की किसी भी अपलोडिंग को हटा दिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई जांच से पर्याप्त सुराग मिले हैं और कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो को अपनी जांच जारी रखने दें।

पीड़िता के माता-पिता ने जताई आपत्ति
इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ को बताया कि मृतक पीड़िता के माता-पिता सोशल मीडिया पर उसके नाम और फोटो का खुलासा करने वाले बार-बार क्लिप से परेशान हैं।
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शीर्ष अदालत ने कहा कि उसने इस मुद्दे पर पहले ही आदेश पारित कर दिया है और आदेश को लागू करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों का काम है। इसने अपने पहले के आदेश को स्पष्ट किया और कहा कि यह सभी मध्यस्थों पर लागू होता है। पीठ ने कहा कि सीबीआई जांच में पर्याप्त सुराग मिले हैं और उसने दोनों पहलुओं - कथित बलात्कार और हत्या और वित्तीय अनियमितताओं पर बयान दिए हैं।

वकील वृंदा ग्रोवर ने कल रिलीज होने वाली एक यूट्यूब मूवी के बारे में भी सुप्रीम कोर्ट को बताया, जिसमें कहा गया है कि यह मूवी इस घटना पर आधारित है। वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नंदी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके हिंदी गानों के साथ रील बनाई जा रही है।

पहले शीर्ष अदालत ने क्या की थी टिप्प्णी
शीर्ष अदालत ने 17 सितंबर को कहा था कि वह बलात्कार-हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से दायर स्थिति रिपोर्ट में दिए गए निष्कर्षों से परेशान है, लेकिन उसने विवरण का खुलासा करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि कोई भी खुलासा चल रही जांच को खतरे में डाल सकता है। 

9 सितंबर को, शीर्ष अदालत ने कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने वाले एक महत्वपूर्ण दस्तावेज चालान के उसके समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड से गायब होने पर चिंता व्यक्त की थी और पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।

22 अगस्त को, शीर्ष अदालत ने अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार महिला डॉक्टर की अप्राकृतिक मौत को दर्ज करने में देरी को लेकर कोलकाता पुलिस को फटकार लगाई थी, इसे बेहद परेशान करने वाला कहा था और घटनाओं के क्रम और इसकी प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के समय पर सवाल उठाए थे। शीर्ष अदालत ने पहले डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय राष्ट्रीय टास्क फोर्स (एनटीएफ) का गठन किया था।

मामले में सुप्रीम कोर्ट में कब-कब हुई सुनवाई
देश की सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में खुद संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। इस मामले में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में 20 अगस्त को भी सुनवाई हुई थी। जबकि आज से पहले आखिरी सुनवाई 17 सितंबर को हुई थी। इस मामले में 13 अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले की जांच कोलकाता पुलिस से सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया, जिसने 14 अगस्त को अपनी जांच शुरू की।


जूनियर डॉक्टरों ने फिर से हड़ताल का किया था एलान
इससे पहले अपनी सहकर्मी के लिए न्याय की मांग को लेकर एक महीने से अधिक समय तक चले आंदोलन के बाद काम पर लौटे जूनियर डॉक्टरों ने शनिवार (28 सितंबर) की रात कहा था कि सुनवाई के बाद वह पूरे बंगाल के सभी अस्पतालों में हड़ताल शुरू कर देंगे। जूनियर डॉक्टरों ने यह निर्णय राज्य सरकार की तरफ से उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के अपने वादे में विफल रहने के बाद लिया है।

9 अगस्त की सुबह मेडिकल कॉलेज में मिला था शव
बता दें कि कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ 8-9 अगस्त की दरमियानी रात दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। मृतका मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। 9 अगस्त की सुबह मेडिकल कॉलेज में चौथी मंजिल पर बने सेमिनार हॉल में डॉक्टर का अर्धनग्न अवस्था में शव मिला। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई।

15 अगस्त की सुबह अस्पताल पर भीड़ ने किया हमला
वहीं इस वारदात के बाद 15 अगस्त की सुबह अस्पताल पर भीड़ ने हमला कर, सरकारी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तोड़फोड़ की थी। यह घटना कलकत्ता हाईकोर्ट की तरफ से बलात्कार-हत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश के ठीक एक दिन बाद हुई थी। अब कोलकाता पुलिस अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के मामले की जांच कर रही है।

वहीं मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई जांच से अस्पताल में दुष्कर्म की घटना और आरजी कर मेडिकल संस्थान में वित्तीय अनियमितताओं दोनों पहलुओं पर जानकारी मिलती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट से पता चलता है कि पीड़िता ने ब्रेसेज और चश्मा पहना हुआ था, जिसकी वजह से चोट तेजी से लगी। 

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि आरजी कर घटना सिर्फ दुष्कर्म और हत्या का मामला नहीं है और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके पास चार नाम हैं जो घटनास्थल पर पहुंचे थे और उनमें से कुछ परिषद के निर्वाचित सदस्य हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नंदी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि सीबीआई की तरफ से वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में उल्लेखित कई लोग सत्ता के पदों पर हैं और इसे खतरे की संस्कृति के अस्तित्व का कारण बताया। 

जांच होने से घटना से जुड़े हो निलंबित- अधिवक्ता
वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नंदी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि जांच पूरी होने तक ऐसे लोगों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे अगली सुनवाई की तारीख पर उन लोगों के बारे में जानकारी दें, जिनकी वित्तीय अनियमितताओं के लिए जांच चल रही है और जो अभी भी आरजी कर अस्पताल में कार्यरत हैं। आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामला | सुप्रीम कोर्ट ने अगली तारीख पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया।
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टास्क फोर्स से रिपोर्ट तलब
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टास्क फोर्स से आरजी कर मामले में डॉक्टरों की सुरक्षा और अन्य मुद्दों के संबंध में अगली सुनवाई पर अंतरिम रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने ही सुरक्षा और अन्य मुद्दों पर गौर करने और लिंग आधारित हिंसा को रोकने, इंटर्न, रेजिडेंट, नॉन रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सम्मानजनक कार्य स्थान से संबंधित कार्य योजना तैयार करने पर विचार करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है।

घोष और मंडल की न्यायिक हिरासत 4 अक्तूबर तक बढ़ी
सियालदह की अदालत ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और टाला थाना के पूर्व प्रभारी अभिजीत मंडल की न्यायिक हिरासत 4 अक्तूबर तक बढ़ा दी। दोनों को जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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