कोलकाता के प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय की कुलपति अनुराधा लोहिया करीब 16 घंटे के बाद अपने चैंबर से दूसरे दरवाजे से बाहर निकलीं। छात्रों ने सोमवार को दोपहर करीब दो बजे से चैंबर में बंधक बनाकर रखा था। कुछ छात्रावासों में मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूरा करने और बर्खास्त छात्रावास कर्मचारियों की बहाली की मांग कर रहे छात्र उनके कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि लोहिया सुबह छह बजे दूसरे दरवाजे से बाहर निकलीं जबकि छात्रों का एक धड़ा अब भी उनके कार्यालय के बाहर धरना दे रहा है। अधिकारी ने बताया कि वह ठीक हैं हालांकि काफी समय से अंदर बंद होने के कारण थोड़ी तनाव में हैं।
छात्रों ने सोमवार दोपहर दो बजे प्रदर्शन शुरू किया था। छात्र 130 साल पुराने हिंदू हॉस्टल के पांच वार्डों में से तीन में मरम्मत कार्य बिना किसी देरी के पूरा करने और आठ बर्खास्त हॉस्टल कर्मचारियों को तुरन्त बहाल किए जाने की मांग कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि लोहिया विश्वविद्यालय के कुछ अन्य अधिकारियों के साथ कुलपति कक्ष में हैं। इंडिपेंडेंट कंसोलिडेशन (आईसी) और एसएफआई से जुड़े छात्र हाथ में तख्तियां लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। तख्तियों पर लिखा है, 'हम पूरा हिंदू हॉस्टल वापस चाहते हैं और छात्रों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई भी कठोर कदम ना उठाएं।'
आईसी से जुड़े प्रदर्शनकारी सुभो बिश्वास ने कहा कि हमने वीसी से अपनी मांगों पर स्पष्ट जवाब की मांग की थी, लेकिन वह दूसरे दरवाजे से भाग गईं जबकि हम मुख्य द्वार के बाहर बैठे थे। उन्होंने कहा कि जब वह वापस परिसर आएंगी तो हम उन्हें ऐसे बचकर निकलने नहीं देंगे।