कोलकाता पुलिस ने एक आदेश जारी कर कहा है कि अब सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनना अनिवार्य होगा। हालांकि, कुछ विशेष विभागों के कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है।
इन पांच विभागों को मिली छूट
जिन विभागों को छूट दी गई है, उनमें जासूसी विभाग, विशेष शाखा, प्रवर्तन शाखा, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और साइबर अपराध विभाग शामिल हैं। इन विभागों के काम की प्रकृति ऐसी होती है कि उन्हें सादे कपड़ों में काम करना पड़ता है।
वरिष्ठ अधिकारियों की लेनी होगी अनुमति
अगर इन विभागों के अलावा किसी अन्य विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को बिना वर्दी के ड्यूटी करनी होगी, तो उन्हें पहले अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
पुलिस आयुक्त कार्यालय ने जारी की अधिसूचना
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पुलिस आयुक्त अजय नंद के कार्यालय से 24 मई को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई थी।
इन पांच विभागों को छोड़कर बाकी सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को छापेमारी, गिरफ्तारी, कानून-व्यवस्था ड्यूटी और अन्य सभी सरकारी कामों के दौरान वर्दी पहनना जरूरी होगा।
अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र
अधिसूचना में पुलिस आयुक्त कार्यालय ने 1997 में सुप्रीम कोर्ट के डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल सरकार मामले के फैसले का भी जिक्र किया है। उस फैसले में अदालत ने गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर पुलिस के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे। यह फैसला पुलिस की ज्यादतियों, हिरासत में यातना और लॉकअप में मौत की घटनाओं को रोकने के लिए दिया गया था।
ये भी पढ़ें:
Extortion Case: कोलकाता के पूर्व पुलिस अफसर के घर फिर पहुंची ED, तालाब में मोबाइल तलाशने के लिए लगाए गोताखोर
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी वर्दी में रहें और गिरफ्तारी या पूछताछ करने वाले सभी पुलिसकर्मी सही नाम और पदनाम वाले पहचान पत्र या नेम टैग पहनें। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिहाज से एक अहम फैसला माना जाता है।