तमिलनाडु की राजनीति में दल-बदल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अन्नाद्रमुक के चार विधायकों के इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल होने पर उसके सहयोगी दलों ने ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वामपंथी दल सीपीआई और सहयोगी पार्टी वीसीके ने इस घटनाक्रम को अस्वस्थ राजनीति बताते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा।
CPI ने कहा- स्वस्थ राजनीति के खिलाफ है यह कदम
सीपीआई के प्रदेश सचिव पी. षणमुगम ने कहा कि अन्नाद्रमुक विधायकों का इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होना स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि भले ही विधायक इसे अपनी इच्छा से लिया गया फैसला बता रहे हों, लेकिन इसके पीछे राजनीतिक दबाव या संभावित फायदे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फ्लोर टेस्ट का भी किया जिक्र
शन्मुगम ने कहा कि ये विधायक पहले ही 13 मई को विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान टीवीके सरकार के समर्थन में वोट देकर कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ चुके थे। ऐसे में उन्हें तुरंत पार्टी में शामिल करना गलत संदेश देता है और इससे दल-बदल को बढ़ावा मिलने का खतरा है।
VCK प्रमुख थिरुमावलवन ने भी जताई नाराजगी
वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने भी इस घटनाक्रम को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों से इस्तीफा देकर नेताओं को शामिल करना टीवीके की साख को नुकसान पहुंचा सकता है। कोयंबटूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि VCK ने केवल राज्य में राष्ट्रपति शासन रोकने के उद्देश्य से टीवीके सरकार का समर्थन किया था।
TVK को दी सावधानी बरतने की सलाह
थिरुमावलवन ने टीवीके नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्टी लगातार दूसरे दलों के नेताओं को शामिल करती रही, तो इससे उसकी राजनीतिक विश्वसनीयता प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि दल-बदल की राजनीति लंबे समय में किसी भी पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
चार AIADMK विधायकों ने छोड़ी पार्टी
पिछले दो दिनों में अन्नाद्रमुक के चार विधायक (के मरगथम कुमारवेल, एस. जयकुमार, पी. सत्यभामा और एसाक्की सुबाया) ने विधायक पद से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ TVK का दामन थाम लिया। इन इस्तीफों के मंजूर होने के साथ ही राज्य की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे। इनमें मदुरंतकम, धारापुरम और पेरुंदुरई के साथ त्रिची ईस्ट सीट भी शामिल है। त्रिची ईस्ट सीट मुख्यमंत्री विजय ने खाली की थी, क्योंकि उन्होंने दो सीटों पर जीत हासिल की थी। इन इस्तीफों के कारण एआईएडीएमके के विधायकों की संख्या 47 से घटकर अब 44 हो गई है।
AIADMK के विधायकों की संख्या 47 से घटकर 44 हुई
एआईएडीएमके के भीतर यह विवाद विधानसभा चुनाव के बाद से ही चल रहा है। मुख्यमंत्री विजय के फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी की आपसी फूट खुलकर सामने आ गई थी। सीवी शनमुगम के नेतृत्व में पार्टी के 25 विधायकों ने अपनी ही पार्टी के आदेश के खिलाफ जाकर टीवीके सरकार को वोट दिया था। टीवीके के पास 119 विधायकों का समर्थन था, लेकिन फ्लोर टेस्ट में उन्हें 144 वोट मिले।