पश्चिम बंगाल इकाई प्रमुख सुकांत मजूमदार के नेतृत्व में शनिवार को निकाली जा रही एक विरोध रैली को कोलकाता पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने मजूमदार समेत पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। यह रैली विधि कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में निकाली जा रही थी। भाजपा ने गरियाहाट चौराहे से कस्बा इलाके में साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज तक तीन किलोमीटर का विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई थी।
यह रैली दक्षिण कोलकाता विधि महाविद्यालय की ओर जा रही थी, लेकिन पुलिस ने इसे महाविद्यालय की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस महाविद्यालय में 25 जून को एक 24 वर्षीय छात्रा के साथ संस्थान के एक पूर्व छात्र समेत तीन लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी और जैद अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह कॉलेज के एक गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया।
भाजपा नेताओं को पुलिस मुख्यालय ले जाया गया
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कोलकाता में गरियाहाट चौराहे पर विरोध मार्च को रोक दिया गया। राज्य भाजपा अध्यक्ष मजूमदार और अन्य भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को लालबाजार में कोलकाता पुलिस मुख्यालय ले जाया गया।
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भाजपा ने सीएम ममता बनर्जी का मांगा इस्तीफा
नई दिल्ली में भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कोलकाता में लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सभी आरोपी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। वहीं, राज्य भाजपा अध्यक्ष मजूमदार ने आरोप लगाया कि बंगाल में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। राज्य महिलाओं के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।
सीएम को दुष्कर्म की घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम कोलकाता में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने आए थे। पुलिस ने हमें रैली निकालने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बनर्जी केवल मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि पुलिस मंत्री भी हैं। पुलिसकर्मी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तरह काम करते हैं। वे हमें विरोध रैली करने से रोक रहे हैं। ममता नहीं चाहतीं कि सुकांत मजूमदार यहां कोई रैली करें।
मजूमदार ने पूरी रात लॉकअप में बिताने का लिया फैसला
मजूमदार और पार्टी के दो अन्य नेताओं ने जमानत बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने लॉकअप से एक ऑडियो संदेश में कहा कि एक महीने में जब भी मैंने सरकार के खिलाफ विरोध करने की कोशिश की, मुझे चार बार हिरासत में लिया गया। आज मैंने जमानत बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया है। मजूमदार ने कहा कि वह महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के मामलों के खिलाफ विरोध करने के लिए पूरी रात लॉकअप में बिताएंगे।
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कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन शुरू
मजूमदार की गिरफ्तारी के बाद हावड़ा, बाकुरा, बालुरघाट और कई अन्य स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। कोलकाता नगर निगम के तीन भाजपा पार्षदों- सजल घोष, मीना देवी पुरोहित और बिजॉय ओझा ने लालबाजार में शहर के पुलिस मुख्यालय के पिछले गेट के सामने धरना शुरू कर दिया। बाद में पुलिसकर्मियों की एक टीम ने उन्हें वहां से हटा दिया।
सुवेंदु अधिकारी ने भी राज्य सरकार पर साधा निशाना
दुष्कर्म की घटना को लेकर बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्यों की नियुक्ति कालीघाट और कैमक स्ट्रीट से की जाती है, शिक्षा विभाग द्वारा नहीं। उन्होंने कहा कि जिन्हें प्रधानाध्यापक बनाया जाता है, वे रीढ़विहीन होते हैं। इसलिए यह अराजकता अपेक्षित है।
जेपी नड्डा ने चार सदस्यीय समिति गठित की
इस बीच, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो मामले की जांच करने और अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए राज्य का दौरा करेगी। इस बारे में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांसद बिप्लब कुमार देब, मनन कुमार मिश्रा और पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह और मीनाक्षी लेखी समिति के सदस्य हैं।
मजूमदार को हिरासत में लिए जाने का नहीं बताया कारण: तिवारी
पश्चिम बंगाल भाजपा विधि विभाग के सह संयोजक तरुणज्योति तिवारी ने कहा कि सुकांत मजूमदार को हिरासत में लिए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया है। जबकि, नियम यह है कि यदि किसी सांसद को पूरी रात हिरासत में रखा जाता है तो लोकसभा अध्यक्ष को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है। तिवारी ने कहा कि मजूमदार को उचित भोजन नहीं दिया जा रहा है। पुलिस किसी भी नियम का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में कानून का नहीं, बल्कि शासक का शासन है। उन्होंने कहा कि पुलिस की मनमानी के खिलाफ हम सोमवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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