कोलकाता के एक कॉलेज में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर बंगाल की राजनीति का पारा चढ़ा हुआ है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद अब एक बार फिर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सत्ताधारी ममता बनर्जी सरकार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर है। वहीं टीएमसी नेताओं के बिगड़े बोल पार्टी के लिए और मुश्किल खड़ी कर रहे हैं। कल्याण बनर्जी के बाद पार्टी के विधायक मदन मित्रा ने भी घटना को लेकर संवेदनहीन बयान दिया है और दुष्कर्म की घटना के लिए पीड़िता को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है। मित्रा ने इस वारदात पर शनिवार को कहा कि 'छात्रा ने यदि किसी को बताया होता कि वह कहां जा रही है, अपने साथ कुछ दोस्तों को ले गई होती, तो यह घटना नहीं होती। अपराध करने वाले लोगों ने स्थिति का फायदा उठाया।'
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एसआईटी करेगी जांच
25 जून को हुई सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना के खिलाफ शनिवार को भाजपा और वाम दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है। भाजपा ने इस मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति भी गठित की है। वहीं सीएम ममता बनर्जी ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस ने अब कॉलेज के गार्ड को भी गिरफ्तार किया है।