कोलकाता के आनंदपुर इलाके में ईएम बाइपास के पास सोमवार तड़के लगी भीषण आग में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। यह सभी मजदूर गोदाम के अंदर सो रहे थे, तभी अचानक आग लग गई और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। पुलिस को सोमवार को आठ लोगों के अवशेष मिले थे, जबकि मंगलवार को दो पास-पास बने गोदामों से तीन और शवों के अवशेष बरामद किए गए। पुलिस को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि 17 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उनके परिवारों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंगलवार को हालात बेहद भयावह थे। गोदाम के परिसर में मानव हड्डियां और जली हुई देह के हिस्से बिखरे पड़े थे। बचाने के लिए बहुत कम चीजें बची थीं।
आग कैसे लगी?
आग सोमवार तड़के करीब 2:30 बजे नजीराबाद रोड स्थित एक गोदाम में लगी। आग तेजी से फैली और पास वाले दूसरे गोदाम तक पहुंच गई। दोनों गोदामों में मजदूर सो रहे थे, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। बारुईपुर के एसपी शुभेंद्र कुमार ने कहा, 'अब तक 17 लोगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। बुधवार को हम अदालत से डीएनए जांच की अनुमति मांगेंगे। इसके बाद सैंपल सीएफएसएल (केंद्रीय फॉरेंसिक लैब) भेजे जाएंगे।'
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एक गोदाम मालिक गिरफ्तार
एक गोदाम के मालिक, जो एक डेकोरेटर एजेंसी चलाता है, को पुलिस ने पूर्व मेदिनीपुर के खेजुरी इलाके से पकड़ा। उसका नाम गंगाधर दास है। उसे पूछताछ के लिए बारुईपुर लाया गया और देर रात औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। फायर एंड इमरजेंसी सर्विस ने डेकोरेटर एजेंसी और फास्ट-फूड कंपनी, दोनों गोदाम मालिकों के खिलाफ नरेंद्रपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इस पर एफआईआर दर्ज हुई है। इसके अलावा पुलिस ने खुद भी दोनों गोदाम मालिकों के खिलाफ सुओ मोटो केस शुरू किया है।
गोदामों में नहीं थी फायर सेफ्टी
फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के डीजी रणवीर कुमार ने बताया कि दोनों गोदामों के पास फायर लाइसेंस नहीं था, कोई फायर सेफ्टी इंतजाम नहीं थे और आग से बचाव के जरूरी साधन मौजूद नहीं थे। वहीं, फास्ट-फूड कंपनी ने इन आरोपों को खारिज किया। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि उनके गोदाम में 23 फायर एक्सटिंग्विशर थे, यूनिट काफी हद तक फायर नियमों के अनुसार थी और कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी ने बताया कि उनके गोदाम में उस समय 2 कर्मचारी और एक आउटसोर्स सुरक्षा गार्ड मौजूद थे, तीनों की मौत हो गई।
आग पास के गोदाम से फैलने का दावा
फास्ट-फूड कंपनी के एक प्रतिनिधि ने कहा कि आग पास के गोदाम से शुरू हुई और तेजी से उनके गोदाम तक पहुंची। आग ने उनके फायर एग्जिट को भी नुकसान पहुंचाया, जिससे बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। फायर विभाग के अनुसार, डेकोरेटर एजेंसी के गोदाम के प्रवेश द्वार के पास खाना बनाने की व्यवस्था थी, वहीं से आग लगने की आशंका है। दोनों गोदामों के बीच लगी फाइबर शीट के कारण आग तेजी से एक से दूसरे गोदाम में फैल गई।
ईस्ट कोलकाता वेटलैंड्स पर भी सवाल
यह इलाका ईस्ट कोलकाता वेटलैंड्स के पास है, जो पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। आरोप हैं कि यहां सैकड़ों गोदाम अवैध तरीके से बनाए गए हैं, जो पहले वेटलैंड्स का हिस्सा थे। सूत्रों के अनुसार, पूरी जमीन डेकोरेटर एजेंसी की थी, उसका एक हिस्सा फास्ट-फूड कंपनी को किराए पर दिया गया था, वहीं करीब 12,000 वर्ग फीट के गोदाम में पैकेजिंग सामग्री, पेय पदार्थ और अन्य सामान रखा था।
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दर्द पर सरकार का मरहम
बंगाल के मंत्री सुजीत बोस और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान फिरहाद हकीम ने कहा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवारों की मदद के निर्देश दिए हैं। जिन परिवारों को मृत्यु प्रमाण पत्र मिलेगा, उन्हें 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा, शवों के अवशेष फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं और अदालत की अनुमति के बाद डीएनए जांच की जाएगी।
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