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RG Kar Case: 'पुलिस ने शुरुआत से ही सबूतों को मिटाने की कोशिश की', मृतक महिला डॉक्टर के परिजन का बड़ा आरोप

Mon, 09 Sep 2024 09:00 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में जारी प्रदर्शनों के बीच पीड़िता के परिजनों ने कोलकाता पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। पीड़िता की मां का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत से ही सबूत को मिटाने की कोशिश की है।
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कोलकाता में आरजी कर केस के विरोध में प्रदर्शन - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महिला डॉक्टर के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। एक प्रदर्शन के दौरान महिला डॉक्टर की मां ने कहा है कि पुलिस ने शुरुआत से ही सबूतों को मिटाने की कोशिश की है और मामले की शुरुआत से ही राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस ने हमारा सहयोग नहीं किया। बता दें कि मृत महिला डॉक्टर के माता-पिता ने सियालदह से एस्प्लेनेड तक मेडिकल से जुड़े लोगों की तरफ से आयोजित मार्च का हिस्सा लिया था।
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'सभी से सामूहित विरोध जारी रखने की अपील'
उन्होंने आगे कहा, मैं अनुरोध करती हूं कि जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सामूहिक विरोध जारी रहना चाहिए। वहीं महिला डॉक्टर के पिता ने कहा कि सामूहिक विरोध प्रदर्शन से उन्हें उम्मीद जगी है कि न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा, मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे हमारे साथ रहें। मुझे पता है कि न्याय इतनी आसानी से नहीं मिलेगा। हमें न्याय सुनिश्चित करना होगा। मुझे उम्मीद है कि लोग हमारे साथ रहेंगे क्योंकि वे हमारी ताकत का मुख्य स्रोत हैं।

परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर लगाए हैं कई आरोप
वहीं इससे पहले 4 सितंबर को पीड़िता के पिता ने पुलिस पर जानबूझकर एफआईआर दर्ज करने में देरी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक पुलिस कमिश्नर ने उन्हें पैसे की पेशकश की थी और मामले को सुलझाने के लिए उन्हें मनाने का भी प्रयास किया थी। उन्होंने कोलकाता पुलिस के एक अन्य अधिकारी पर मीडिया में गलत बयानों के माध्यम से लोगों को गुमराह करने का का भी आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वे अपनी बेटी के शव को दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए सुरक्षित रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें उसका अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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राजनीतिक दल पीड़ित माता-पिता को न करें परेशान- तृणमूल
पीड़िता के पिता ने बताया कि करीब 300-400 पुलिसकर्मियों ने हमें घेर लिया और उन्होंने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि हमें अपनी बेटी के अंतिम संस्कार के लिए मजबूर होना पड़ा। पीड़िता के पिता के इस बयान से राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि राजनीतिक दलों को शोकाकुल माता-पिता को अकेला छोड़ देना चाहिए। राज्य मंत्री शशि पांजा ने कहा यहां कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीतिक दलों को उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए।

आज सुप्रीम कोर्ट करेगा आरजी कर केस की सुनवाई
वहीं सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले की सुनवाई करेगा, बता दें कि शीर्ष अदालत ने खुद ही मामले की सुनवाई करने का फैसला किया है। जबकि इस दौरान सीबीआई की तरफ से अपनी रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद है।
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