पश्चिम बंगाल की राजधानी के पार्क स्ट्रीट इलाके में एक रेस्टोरेंट में प्रतिबंंधित मांसाहारी भोजन परोसने के मामले में गिरफ्तार वेटर को एक अदालत ने जमानत दे दी है। बता दें कि इस मामले में रेस्टोरेंट ने बयान जारी कर कहा कि यह 'अनजाने में हुई गंभीर गलती' थी और किसी को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।
कोलकाता की एक अदालत ने पार्क स्ट्रीट इलाके के मशहूर रेस्टोरेंट ओलिपब के वेटर शेख नसीमुद्दीन को जमानत दे दी है। उन पर आरोप था कि उन्होंने मांसाहारी खाने की जगह प्रतिबंधित मांसाहारी भोजन परोस दिया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। कोलकाता के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने मंगलवार को यह जमानत दी। शेख नसीमुद्दीन को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था और वे तब से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
अदालत में क्या हुआ?
सीजेएस कोर्ट में वेटर के वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि जांच में कोई नई बात सामने नहीं आई है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। वहीं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने नसीमुद्दीन को जमानत दे दी।
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क्या है पूरा मामला?
एक कंटेंट क्रिएटर सायक चक्रवर्ती ने वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया था कि उन्होंने और उनके दो दोस्तों ने पार्क स्ट्रीट में मौजूद ओलिपब में मांसाहारी खाने का ऑर्डर किया था, लेकिन उन्हें प्रतिबंधित मांसाहारी भोजन परोस दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला विवाद में बदल गया।
रेस्टोरेंट की तरफ से क्या दी गई सफाई
वहीं ओलिपब रेस्टोरेंट ने बयान जारी कर कहा कि यह 'अनजाने में हुई गंभीर गलती' थी और किसी को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। रेस्टोरेंट की तरफ से आगे कहा, 30 जनवरी 2026 की शाम एक वेटर से अनजाने में गलती हो गई। इसके लिए वे दिल से माफी मांगते हैं। ओलिपब सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोगों का सम्मान करता है और अपने 80 साल के इतिहास पर गर्व करता है। बताया गया है कि शेख नसीमुद्दीन का परिवार ओडिशा से है और पिछले दो पीढ़ियों से ओलिपब में काम करता आ रहा है।