फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kolkata Case: कोलकाता सामूहिक दुष्कर्म पर राजनीति तेज; घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी, पुलिस से छात्रों की झड़प

Fri, 27 Jun 2025 06:47 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कोलकाता में कॉलेज परिसर में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीन दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में पुलिस जांच को तेज करते हुए घटनास्थल का भी दौरा किया है। वहीं आरोपियों की टीएमसी से नजदीकी पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा ने सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।
विज्ञापन
कोलकाता सामूहिक दुष्कर्म केस में राजनीति तेज - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। घटना के सामने आते ही एडिशनल पुलिस कमिश्नर संतोष पांडे और साउथ सबअर्बन डिवीजन की डीसी बिदिशा कलिता कॉलेज परिसर में पहुंचे और मौके की जांच की।
विज्ञापन

 
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू
घटना के बाद सियासी घमासान शुरू हो गया है। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। शुभेंदु अधिकारी ने मामले में ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'तृणमूल मतलब चोर, तृणमूल मतलब दुष्कर्मी। आरोपियों में से एक की तस्वीर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ है। अगर मैंने वह तस्वीर एक्स पर पोस्ट नहीं की होती, तो कोई दिखा भी नहीं सकता।' भाजपा के इस बयान से टीएमसी बैकफुट पर आ गई है, लेकिन पार्टी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

यह भी पढ़ें - Kolkata Rape Case: कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, तीन गिरफ्तार; BJP ने ममता सरकार को घेरा
विज्ञापन


ममता राज में लड़कियों के साथ दुष्कर्म आम बात- सुधांशु त्रिवेदी
वहीं कोलकाता में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले पर भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'चाहे संदेशखली हो, आरजी कर मेडिकल कॉलेज हो, कोलकाता का लॉ कॉलेज हो या बंगाल का कोई भी स्कूल, ऐसा लगता है कि ममता बनर्जी के राज में बंगाल में महिलाओं और लड़कियों के साथ दुष्कर्म और उन पर अत्याचार आम बात हो गई है। यह चिंता का विषय है क्योंकि अधिकांश मामलों में आरोपियों का सत्ताधारी पार्टी से कोई न कोई संबंध होता है। कई मौकों पर हमने सत्ताधारी पार्टी द्वारा स्पष्ट रूप से संरक्षण देखा है। इसलिए यह स्पष्ट है कि इन अपराधियों को दंडित करने के बजाय टीएमसी सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है। इससे भी दुखद बात यह है कि ऐसा लगता है कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराधों को अपराध नहीं बल्कि राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने का हथियार माना जाता है। मुझे लगता है कि टीएमसी शासन के दौरान बंगाल की संस्कृति पर जो कलंक लगा है, वह बंगाल के इतिहास में अभूतपूर्व है। लेकिन दुख की इस घड़ी में भाजपा हर उस लड़की और महिला के साथ खड़ी है जो टीएमसी के राजनीतिक संरक्षण में हो रहे अपराधों की शिकार हुई है...हमें पूरा विश्वास है कि पश्चिम बंगाल की जनता और बुद्धिजीवी इस सब को बहुत गंभीरता और बारीकी से देख रहे हैं और वे इस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। आगामी चुनावों में टीएमसी को ध्वस्त कर देंगे।'

इस पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, 'ममता बनर्जी की सरकार बंगाल में महिलाओं के साथ दुष्कर्म का समर्थन करती है। कस्बा सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी ममता बनर्जी की टीएमसी का सक्रिय सदस्य है...ममता बनर्जी अपनी तुष्टिकरण की राजनीति और राजनीतिक वर्चस्व के लिए बंगाल में गुंडों की फौज चलाती और उसे संरक्षण देती हैं...टीएमसी के लोग महिलाओं के साथ दुष्कर्म करते हैं, सबूत मिटाते हैं... कस्बा सामूहिक दुष्कर्म में टीएमसी का एक व्यक्ति दोषी पाया गया है। बंगाल महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। ममता बनर्जी एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद उनकी सोच महिला विरोधी है'।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का हमला
कोलकाता लॉ कॉलेज कथित गैंगरेप मामले पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, 'लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ जो अत्याचार हुआ है यह दर्दनाक घटना है। यह बहुत गंभीर घटना है। इससे पहले भी कोलकाता के एक अस्पताल में डॉक्टर के साथ दुष्कर्म हुआ था। ममता बनर्जी को इस पर ध्यान देना चाहिए कि पश्चिम बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। ममता बनर्जी खुद एक महिला हैं, वह महिलाओं की सुरक्षा करने में असफल हैं। मुझे लगता है कि ममता बनर्जी की सरकार इस मामले में बहुत गंभीर नहीं है... जब अभी विधानसभा चुनाव होंगे, तब वहां भाजपा और NDA की सरकार बनेगी।'
TMC नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना पर विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा, 'यह घटना अत्यंत निंदनीय है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन जो लोग टीएमसी से जुड़ाव की बात कर रहे हैं, वे केवल अफवाह फैला रहे हैं। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।' वहीं टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने विवादित बयान देते हुए कहा, 'अगर दोस्त ने दोस्त के साथ ऐसा किया, तो पुलिस क्या हर स्कूल-कॉलेज में तैनात रहेगी? यह एक सरकारी कॉलेज है। यह एक छात्र की तरफ से दूसरे छात्र के साथ किया गया अपराध है। पीड़िता की सुरक्षा कौन करेगा?'
अखिलेश यादव की सीएम ममता बनर्जी को सलाह
इस मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता लॉ कॉलेज कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले पर कहा, 'मैं बंगाल के लोगों और खासकर मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि भाजपा से सावधान रहें। कोई भी घटना होगी, अगर आप (ममता बनर्जी) निष्पक्ष भी कार्रवाई करना चाहेंगी तो उससे भाजपा के लोग राजनीतिक लाभ लेना चहेंगे। आए दिन उत्तर प्रदेश से दुष्कर्म की खबरें सामने आती हैं... महिलाओं की छोड़खानी के मामलो में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है क्योंकि यहां की सरकार कानून-व्यवस्था को छोड़कर बाकी सभी चीजों पर ध्यान दे रही है'।
 
विज्ञापन

वामपंथी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प
घटना के विरोध में एसएफआई और डीवाईएफआई (वामपंथी छात्र और युवा संगठन) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोलकाता के कसबा थाने के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की तो हालात बिगड़ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जोरदार झड़प हुई। पुलिस और आरएएफ के जवानों ने सड़कों से प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया। कई लोग घायल हुए और कुछ को हिरासत में लेकर लालबाजार पुलिस मुख्यालय ले जाया गया। प्रदर्शनकारी 'राजडांगा मेन रोड' पर जाम लगाकर थाना घेराव की कोशिश कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसवालों से लाठी छीनने की भी कोशिश की।

यह भी पढ़ें - कोलकाता लॉ कॉलेज गैंगरेप: बंगाल में बेटियों की सुरक्षा पर भाजपा हमलावर, सुवेंदु बोले- कुर्सी छोड़ें ममता

क्या है पूरा मामला?
कॉलेज परिसर में एक छात्रा के साथ तीन युवकों - मनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमीत मुखोपाध्याय - की तरफ से कथित सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है। तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें 1 जुलाई 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई और 12 घंटे के भीतर तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। इस पूरे मामले की जांच गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है।

आरजी कर केस की पीड़िता के पिता की मांग
कोलकाता में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की पीड़िता के पिता का कहना है, 'ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। मेरी बेटी के साथ जो हुआ, उसके बाद कई लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए। उसके बाद भी ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। कॉलेज के अंदर लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसमें सरकार की अहम भूमिका है, जिसके कारण ये सारी घटनाएं हो रही हैं...गिरफ्तार किए गए तीनों लोग टीएमसी से हैं, इसलिए इस राजनीतिक पार्टी को सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों...आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।'




विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें