कंपनी के अधिकारियों को गिरफ्तार करके ले जाती पुलिस
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आनंदपुर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक 21 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 27 लोग अब भी लापता हैं। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फूड चेन कंपनी के दो बड़े कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को बारुईपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
यह आग 26 जनवरी की तड़के करीब तीन बजे आनंदपुर स्थित एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और गोदाम में लगी थी। उस समय कई मजदूर अंदर सो रहे थे। गोदाम में सूखे खाने के पैकेट और सॉफ्ट ड्रिंक का भारी स्टॉक था, जिससे आग तेजी से फैल गई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मोमो बनाने वाली कंपनी के डिप्टी मैनेजर राजा चक्रवर्ती और वेयरहाउस मैनेजर मनोरंजन शीट को नारेंद्रपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया है।
मामले में कुल कितने गिरफ्तार हुए?
बारुईपुर पुलिस के मुताबिक, इस केस में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। घटनास्थल से 21 सैंपल डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भेजे गए हैं। 16 शवों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आग लगने के समय जिम्मेदार अधिकारी कहां थे और सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे।
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प्रशासन पर उठे सवाल
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने घटनास्थल का दौरा किया और इसे “गंभीर लापरवाही का नतीजा” बताया। उन्होंने कहा कि यह हादसा रोका जा सकता था। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ जांच नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए चेतावनी है। उन्होंने सभी औद्योगिक और सार्वजनिक स्थलों पर अनिवार्य फायर ऑडिट की जरूरत बताई।
मलबा हटाने का काम जारी
चार दिन बाद भी मलबा हटाने का काम जारी है। क्रेन और गैस कटर की मदद से जले हुए ढांचे को हटाया जा रहा है। पीड़ित परिवार अपनों की तलाश में मौके पर डटे हैं। इस बीच विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन भी हुआ। उन्होंने जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। गोदाम के मालिक गंगाधर दास पहले ही 4 फरवरी तक पुलिस हिरासत में हैं।
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