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कोलकाता : जलपाईगुड़ी के अस्पताल में रोज भर्ती हो रहे 40-50 बच्चे, एक मिला कोरोना संक्रमण का शिकार

Mon, 13 Sep 2021 04:04 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

जलपाईगुड़ी से चिंताजनक खबर आई है। बंगाल के इस जिले में बीते कुछ दिनों से बड़ी संख्या में बच्चे बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि इनमें से मात्र एक में कोरोना संक्रमण मिला है। कोरोना की तीसरी लहर के खतरों को देखते हुए हालात पर नजर रखी जा रही है। 
 
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सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के जिला अस्पताल में बीते चार दिनों से रोज 40-50 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। इनमें से 80 से 90 प्रतिशत का कोविड टेस्ट कराया गया है। इनमें से एक बच्चा कोरोना संक्रमित मिला है। उधर अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती हुए करीब 150 बच्चे इन्फ्लूएंजा से संक्रमित हैं।

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अधिकारियों ने बताया कि कोरोना संक्रमित मिले बच्चे को विशेष नवजात शिशुरोग विभाग में आइसोलेशन में रखा गया है। अन्य बीमार बच्चों की उम्र एक से चार साल के बीच है। उनमें इन्फ्लूएंजा जैसा संक्रमण है और उन्हें बुखार, कफ, श्वास की कमी जैसे लक्षण हैं। उनकी मलेरिया व डेंगू की भी जांच की गई है। अस्पताल में 45 बेड बढ़ाए गए हैं। ताकि और ज्यादा बच्चों को भर्ती किया जा सके। 

जलपाईगुड़ी के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को एक नया वॉर्ड भी खोला गया। इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि क्या कोई नया संक्रमण तो नहीं फैला है। हालांकि अभी भर्ती हुए बच्चों की हालात ज्यादा चिंताजनक नहीं है। उनके डिस्चार्ज होने की दर भी उच्च है। रविवार को 48 को डिस्चार्ज कर दिया गया। 
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देश में तीसरी कोरोना लहर की आशंका के चलते बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने से सतर्कता बढ़ा दी गई है। जानकारों का कहना है कि अक्तूबर तक तीसरी लहर असर दिखा सकती है। अभी दूसरी लहर से ही कई राज्य जूझ रहे हैं।

तेज बुखार और पेचिश की शिकायत, 130 बच्चे भर्ती
समाचार एजेंसी पीटीआई ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के हवाले से सोमवार को बताया कि तेज बुखार और पेचिश की वजह से कम से कम 130 बच्चों को जलपाईगुड़ी के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि उनमें से दो को बाद में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया क्योंकि उनकी हालत बिगड़ गई थी।

विशेषज्ञों की ओर से दी गई चेतावनी के बीच कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर में बच्चों के लिए जोखिम और अधिक पैदा हो सकता है। अधिकारी ने कहा, 'हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अस्पताल के बुनियादी ढांचे को विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि किसी को भर्ती करने से मना न किया जाए। स्थिति काफी चिंताजनक है।' उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो बच्चों की कोविड-19 जांच कराई जाएगी।

अधिकारी ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट मौमिता गोदारा बसु ने दिन में अस्पताल का दौरा किया और स्थिति का आकलन करने और आगे की स्थिति को संभालने के लिए लगातार स्थानीय अफसरों के साथ बैठकें की हैं।

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