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Kogilu Demolition: कर्नाटक में 400 घर गिराने पर घिरी कांग्रेस, सिद्धारमैया-शिवकुमार को दिल्ली से गया फोन

Sat, 27 Dec 2025 11:12 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Kogilu Demolition: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से अवैध निर्माण गिराने के मामले पर बात की। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई में अधिक सावधानी, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए था।
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बंगलूरू में गिराए गए अवैध निर्माण - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से बात की। इस दौरान उन्होंने बंगलूरू के कोगिलु गांव में अवैध निर्माण को गिराए जाने के मामले पर चर्चा की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 400 घरों को गिराया गया। 
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वेणुगोपाल ने कहा, मैंने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) की ओर से गंभीर चिंता जताई कि इस तरह की कार्रवाई कहीं अधिक सावधानी, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ की जानी चाहिए थी, ताकि लोगों पर प्रभाव को केंद्र में रखा जा सके। उन्होंने आगे कहा, मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे स्वयं प्रभावित परिवारों से बात करें, शिकायतों के समाधान के लिए उचित व्यवस्था बनाएंगे और प्रभावितों के पुनर्वास व राहत को सुनिश्चित करेंगे। 

विवादों में घिरी सिद्धरमैया सरकार
राजधानी बंगलूरू में 400 से ज्यादा घरों को गिराने के बाद कांग्रेस की सिद्धरमैया सरकार विवादों में घिर गई है। घर गिराए जाने से सैकड़ों लोग, बेघर हो गए हैं, जिनमें अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में हुई बेदखली की इस कार्रवाई ने कर्नाटक की कांग्रेस और केरल की वाम सरकार के बीच जुबानी जंग छेड़ दी है। केरल की विजयन सरकार ने कांग्रेस पर बुलडोजर राज का आरोप लगाया है।

22 दिसंबर को सुबह 4 बजे बंगलूरू के कोगिलु गांव में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे करीब 400 परिवार बेघर हो गए। बंगलूरू सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर से चलाए गए इस अभियान में 4 जेसीबी और 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार ने कहा कि ये घर एक झील के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। हालांकि, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला था और पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती बेदखल कर दिया।

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कर्नाटक के मामले में दखल न दें मुख्यमंत्री विजयन: शिवकुमारअब इस पर सियासत भी शुरू हो गई। शुक्रवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसको लेकर कर्नाटक सरकार की आलोचना की। उन्होंने इस कार्रवाई को चौंकाने वाला और दर्दनाक बताया। शनिवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केरल के मुख्यमंत्री विजयन को सलाह दी कि वे उत्तरी बंगलूरू में अतिक्रमण विरोधी अभियान के संबंध में कर्नाटक के मामलों में दखल न दें। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विजयन जैसे वरिष्ठ नेताओं ने मामलों के तथ्यों को जाने बिना इस मामले पर टिप्पणी की।

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