ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रविवार को चाबहार बंदरगाह के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस बंदरगाह के उद्घाटन से ईरान, भारत और अफगानिस्तान के बीच बिना पाकिस्तान जाए नए रणनीतिक ट्रांजिट रूट की शुरुआत होगी। इससे भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच व्यापार में बढ़ोतरी होगी।
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सिस्तान-ब्लूचिस्तान स्थित यह बंदरगाह ऊर्जा से भरपूर राष्ट्र के दक्षिणी तट पर पारस की खाड़ी से बाहर स्थित है। भारत के पश्चिमी तट से यहां आसानी से पहुंचा जा सकेगा। इसे मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार के लिए ‘अवसरों का सुनहरा प्रवेश द्वार’ माना जा रहा है। चाबहार बंदरगाह परियोजना के पहले चरण को शाहिद बेहेस्ती बंदरगाह के नाम से जाना जाएगा।
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इसका उद्घाटन राष्ट्रपति रूहानी ने इस क्षेत्र के विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार उद्घाटन समारोह में भारत की तरफ से जहाजरानी राज्य मंत्री पी. राधाकृष्णन मौजूद थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार उद्घाटन समारोह में रूहानी ने कहा, ‘इस क्षेत्र के रूट को सड़क, समुद्री और वायु से जुड़ा होना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह क्षेत्र के देशों के बीच मेलजोल और एकता को बढ़ावा देगा।