निर्मल सिंह और कविंद्र गुप्ता को रविवार को पार्टी हाई कमान ने दिल्ली बुलाया था जहां पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और जम्मू-कश्मीर मामलों के इंचार्ज राम माधव के साथ दोनों की बैठक लम्बे समय तक चली। निर्मल सिंह की दिल्ली में बैठक की पुष्टि करते हुए बीजेपी के राज्य महासचिव अशोक कौल ने बीबीसी को बताया था, "निर्मल सिंह दिल्ली में हैं और जहां उनकी पार्टी हाई कमान से मीटिंग हो रही है। वह सोमवार को वहां से वापस लौट रहे हैं।"
नए चेहरे
बीते दिनों बीजेपी हाई कमान ने निर्मल सिंह को छोड़कर अपने सभी मंत्रियों से इस्तीफा मांगा था। निर्मल सिंह के अलावा बीजेपी के दो और मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद अभियुक्तों के समर्थन में रैली निकाली गई थी जिसमें बीजेपी के दो मंत्री लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा शामिल हुए थे। रैली में शामिल होने के बाद बीजेपी और पीडीपी में काफी तल्खियां बढ़ गई थीं जिसके बाद बीजेपी ने अपने इन दो मंत्रियों से जबरन इस्तीफा लिया था।
बीजेपी के एक नेता ने बताया कि जम्मू में बीजेपी ने बीते तीन वर्षों से जिस तरह से काम किया है उसकी वजह से पार्टी की पकड़ आम जनता में कम हो रही थी और बीजेपी को मजबूर होकर पार्टी के मंत्रिमंडल में इतने बड़े पैमाने पर फेरबदल करना पड़ा है। पार्टी के करीबी लोगों का कहना है कि निर्मल सिंह से पार्टी के कई लोग उनके कामकाज से खुश नहीं थे जिसकी वजह से उनसे इस्तीफा मांगा गया। हालांकि, निर्मल सिंह ने कठुआ में बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले को लेकर क्राइम ब्रांच की तरफ से घटना की जांच करने का समर्थन किया था।
कौन हैं कविंद्र गुप्ता?
कविंद्र गुप्ता बीजेपी और आरएसएस के खास नेताओं में गिने जाते हैं। गुप्ता पहली बार 2014 के चुनाव में जम्मू के घंडी नगर से चुनाव जीते थे। इस फेरबदल के दौरान बीजेपी के सतपाल शर्मा को भी मंत्रिमंडल में शामिल गया है। शर्मा बीजेपी जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष हैं। जबकि कठुआ के विधायक राजीव जसरोटिया और सांबा के देविंदर कुमार मान्याल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, परिवहन राज्य मंत्री सुनील शर्मा को कैबिनेट मंत्री बना दिया गया है और डोडा के बीजेपी विधायक शक्ति राज ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली है।
पीडीपी विधायक मोहम्मद खलील बंद और मोहम्मद अशरफ मीर ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। बीजेपी के करीबियों का मानना है कि बीजेपी के मंत्रिमंडल में फेरबदल करने से जम्मू में पार्टी को मजबूत बनाने की ये एक कोशिश है और 2019 के चुनाव के लिए भी पार्टी की छवि को सुधारना है।