- फिर नव निर्वाचित विधायक शपथ ग्रहण करेंगे। इसमें वक्त लग सकता है। हो सकता है कि इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट की दी गई शाम चार बजे की डेडलाइन पार भी हो जाए।
- कर्नाटक असेंबली के पूर्व स्पीकर केआर रमेश कुमार ने बीबीसी को बताया है कि मौजूदा हालात थोड़े अलग हैं। ऐसी परिस्थिति में यह जरूरी है कि सर्वोच्च न्यायालय की भावना का ख्याल रखा जाए।
- एक बार जब सभी विधायकों के शपथ ग्रहण का काम पूरा हो जाएगा, उसके बाद प्रो-टेम स्पीकर के पास दो विकल्प होंगे। एक ये कि वो फ्लोर टेस्ट शुरू कराए और बहुमत के लिए वोटिंग हो। या फिर वो पहले सदन के स्पीकर को निर्वाचित करें।
- जब विधायकों की वोटिंग होगी तो पहले ध्वनि मत (वॉयस वोट) लिया जाएगा। इसके बाद कोरम बेल बजेगी और सभी विधायकों को दो खेमों में बंटने के लिए कहा जाएगा। इस दौरान सदन के दरवाजे बंद होंगे। और फिर दोनों खेमों में विधायकों की गिनती की जाएगी।
- इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद स्पीकर परिणाम की घोषणा करेंगे।