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Corona Vaccine: एक ही टीके की दोनों खुराक लगवाना जरूरी, जानिए अहम सवालों के जवाब

अमर उजाला रिसर्च टीम Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 10 Jan 2021 06:22 AM IST
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Corona Vaccine - फोटो : pixabay

को-विन एप के जरिए दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान देश में शुरू होने वाला है। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और जरूरी लोगों के साथ बुजुर्गों और बीमार लोगों को टीका लगना है। इसके बाद सामान्य लोगों को टीका लगना शुरू होना है।



टीका बनाने वाली किसी कंपनी ने टीके का बच्चों पर असर होने का दावा नहीं किया है और न ही किसी देश ने इसके लिए हरी झंडी दी है। ऐसे में हम सबके मन में टीके को लेकर कई तरह के सवाल हैं जिनके जबाव जानना जरूरी है। 


अमर उजाला रिसर्च टीम ने ऐसे ही कुछ सवालों के बारे में केजीएमयू, लखनऊ के पल्मोनरी क्रिटिकल केयर यूनिट के हेड डॉ. वेद प्रकाश से जानने की कोशिश की।


गर्भवती स्तनपान करा रही महिलाओं के लिए टीका नहीं

कोरोना टीके के परीक्षण में गर्भवती व बच्चे को स्तनपान करा रही महिलाओं को शामिल नहीं किया गया था। इस आधार पर यहां भी ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (कोविडशील्ड), फाइजर और भारत-बायोटेक का टीका उन्हें नहीं लग सकता है। 


इमरजेंसी प्रयोग में टीका सुरक्षित होने पर ही गर्भवती या स्तनपान करा रही महिला को टीका लगाने पर विचार होगा, फिलहाल मास्क पहनें और भीड़भाड़ में जाने से बचें, यही सबसे बड़ी वैक्सीन है।


हृदय रोगी भी लगवा सकते हैं टीका

हृदय रोग के मरीज को कोई टीके से कोई खतरा नहीं है। टीके के प्रभाव को ऐसे मरीजों पर जांच लिया गया है। मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप, मोटापा व अस्थामा के मरीज भी बेझिझक होकर टीका लगवा सकते हैं।


ध्यान रहे टीका लगवाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह लें। को- विन पर अपनी बीमारी से जुड़े सही दस्तावेज लगाएं ताकि विशेषज्ञ उसका विश्लेषण कर सकें। बीमारी संबंधी किसी भी दस्तावेज को लेकर लापरवाही बिल्कुल न करें।


प्रजनन क्षमता पर कोई असर नहीं

टीका लगने से प्रजनन क्षमता पर असर पड़ने की अफवाह इंटरनेट की उपज है। किसी भी टीके के परीक्षण में ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है। जिससे प्रजनन क्षमता पर असर पड़े। कोरोना का टीका नहीं लगवाने से स्वास्थ्य को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। कोई महिला आईवीएफ ट्रीटमेंट ले रही है तो टीका लेने से पहले डॉक्टर से एक बार बात जरूर करें। टीका लगवाने से पहले अगर कोई इंजेक्शन लगावाया है तो इस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं।
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24 घंटे पहले न करें कोई नशा

टीका लगवाने से 24 घंटे पहले किसी तरह का नशा करन से बचें। रक्त में नशीला पदार्थ होने से तरलीफ की आशंका बना सकती है। चरस,गांजा और अन्य सूखा नशा करने वाले टीका लगवाने से पहले एक बार डॉक्टर की मंजूरी जरूर ले लें। किसी तरह की  लापरवाही आपसे साथ स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। प्लू और कोरोना का टीका एकसाथ नहीं लगवाना है। डॉक्टरी सलाह पर  इसमें कुछ दिन का अंतर जरूरी है।


दोनों खुराक में एक ही टीका

कोरोना का जो टीका पहली बार लगेगा वही टीका दूसरे खुराक के रूप में लगेगा। इसमे भिन्नता अभी नहीं हो सकती है। पहला टीका लगवाने के बाद जो भी पर्ची मिले उसे अच्छे से पढ़ लें। दूसरी बार टीका लगवाने जाएं तो अच्छे से आश्वस्त हो जाएं कि दोबारा वही टीका लग रहा है जो आपको पहली बार लगा था। दो अलग अलग टीकों को लेकर मिस्क मैच परीक्षण चल रहा है लेकिन टीकाकरण अभियान में इसे अब तक शामिल नहीं किया गया है।


टीका लगवाने से पहले डॉक्टर को इलाज व दवा संबंधी पर्चा दिखाएं

जो लोग खून को पतला करने की दवा या एंटीकोगुलेंट इंजेक्शन लेते हैं, ऐसे लोगों में टीका लगने पर थोड़ा समय तक रक्तस्राव हो सकता है। इसकेअलावा हाथ में दर्द हो सकताहै। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का कहना है कि एंटीकोगुलेंट इंजेक्शन लेने वाले लोग टीका तभी लगवाएं जब उनका स्वास्थ्य ठीक हो। चिकित्सक को टीका लगाने से पहले ही बता दें कि आप किस हाथ में एंटीकोगुलेंट इंजेक्शन ले रहे हैं साथ ही उसे इलाज व दवा संबंधी कागज दिखाएं।


ऑपरेशन के बाद टीके के लिए न करें हड़बड़ी किसी भी तरह का ऑपरेशन एक जटिल प्रक्रिय होती है। ऑपरेशन के बाद रोगी को एंटीबायोटिक दवाएं चल रही हैं। उसकी इम्युनिटी भी कमजोर होती है। ऐसे मरीजों को टीका लगवाने में  को हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए। पहले आराम करें, जख्म भर जाएं और आप खुद को ऊर्जावान महसूस करें तभी ही डॉक्टर की सलाह पर टीका लगवाएं। जल्दबाजी में टीका लगवाने से तकलीफ होने पर परेशान बढ़ सकती है।

 

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