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अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला : जानिए क्या है पूरा मामला और विवाद की वजह

Fri, 05 Apr 2019 07:06 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • फरवरी 2010 में यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड के साथ वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए सौदा किया
  • 2004 में 3600 करोड़ रुपये के इस सौदे को भारत ने 360 करोड़ रुपये के कमीशन के आरोपों के बाद रद्द किया
  • सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले मिशेल को पिछले साल दिसंबर में यूएई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया 
  • 278 किलेमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ने वाला यह हेलिकॉप्टर बुलेटप्रुफ है। इसमें मशीनगन फिट करने की सुविधा भी है
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अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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फरवरी 2010 में यूपीए सरकार ने ब्रिटिश-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए एक सौदा किया था। इस सौदे के तहत वायुसेना के लिए 12 हेलिकॉप्टर खरीदे जाने थे। इनमें से आठ का इस्तेमाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी हस्तियों की उड़ान के लिए किया जाना था। बाकी चार हेलिकॉप्टर एक साथ 30 एसपीजी कमांडो को ले ले जाने की क्षमता रखते थे। 

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इस सौदे की कीमत 3600 करोड़ रुपये तय हुई थी। लेकिन, जनवरी 2014 में कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें पूरी न होने और 360 करोड़ रुपये के कमीशन का भुगतान करने के आरोपों के बाद भारत की ओर से यह सौदा रद्द कर दिया गया था। जब करार को रद्द करने का आदेश जारी हुआ, उस समय तक भारत सौदे की राशि का 30 फीसद भुगतान कर चुका था। साथ ही तीन अन्य हेलिकॉप्टर के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया जारी थी। 

विवाद सामने आने पर रक्षा मंत्रालय ने इस मामले की जांच सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को सौंप दी। पूरे प्रकरण में पूर्व वायुसेना प्रमुख समेत कई अधिकारियों के नाम सामने आए थे। यह घोटाला तब ज्यादा चर्चा में आ गया जब स्थानीय पुलिस ने इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण से जुड़ी कंपनी फिनमेकानिका के पूर्व प्रमुख ओरसी को गिरफ्तार किया। 
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अदालत ने फिनमेकानिका कंपनी को दोषी पाया और फिनमेकानिका की अधीनस्थ कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनि को चार साल छह महीने की सजा सुनाई। ओरसी पर भारत सरकार से वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के इस सौदे को हासिल करने के लिए कथित तौर पर 362 करोड़ रुपए की रिश्वत देने का आरोप लगा था।

इस मामले में पूर्व एयर चीफ एसपी त्यागी समेत कुल 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है। 

क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण 

अगस्ता वेस्टलैंड का बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में एक नाम और उछला था क्रिश्चियन मिशेल का। कथित तौर पर सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले मिशेल को पिछले साल चार दिसंबर की देर रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। 

नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष जज ने 24 सितंबर 2015 को मिशेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इस वारंट के आधार पर इंटरपोल ने मिशेल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया और फरवरी 2017 में उसे दुबई में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से ही मिशेल दुबई की जेल में था। दुबई की अपील कोर्ट में मिशेल के वकीलों ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने को लेकर दो आपत्तियां दाखिल की थीं जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 

मिशेल के अलावा इस मामले में कई भारतीय अधिकारी भी आरोपी हैं. इनमें तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिवारिक सदस्य प्रमुख हैं. आरोप है कि षड्यंत्र के तहत उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए VVIP हेलिकॉप्टरों की उड़ान भरने की ऊंचाई की सीमा को 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 करवा दिया था। मामले में शामिल तीन बिचौलियों में से एक मिशेल है। दो अन्य बिचौलिये गुइदो हाश्खे और कार्लो गेरोसा हैं।

कौन हैं एसपी त्यागी?

इस घोटाले में शक के दायरे में आए एसपी त्यागी यानी शशींद्र पाल त्यागी का जन्म 14 मार्च 1945 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था। त्यागी ने शुरुआती पढ़ाई जयपुर के सेंट जेवियर स्कूल से की थी। 31 दिसंबर 1963 को एसपी त्यागी भारतीय वायु सेना में शामिल हुए। त्यागी 1965 और 1971 की जंग का हिस्सा भी रहे थे। जब 1980 में भारतीय वायु सेना में जगुआर शामिल किया गया तो उसे उड़ाने वाले आठ पायलटों में से एक त्यागी भी थे। 1985 में त्यागी को प्रतिष्ठित वायुसेना मेडल से सम्मानित किया गया था। 31 दिसंबर 2004 को एसपी त्यागी ने भारतीय वायुसेना के 20वें एयर चीफ मार्शल के रूप में कार्यभार संभाला था। 
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हेलिकॉप्टर की खूबियां

अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर (फाइल फोटो)
अधिकतम 278 किलेमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ने वाला यह हेलिकॉप्टर 30 यात्रियों को ढोने की क्षमता रखता है। इसकी पूरी बॉडी बुलेटप्रुफ है और इसमें मशीनगन फिट करने की सुविधा भी रहती है। दो पायलट की क्षमता वाले इस हेलिकॉप्टर में तीन ताकतवर इंजन हैं। 

यह हवा में ईंधन भरने की क्षमता भी रखता है और इसका केबिन 8.3 फीट चौड़ा और 6.1 फीट ऊंचा है। हेलिकॉप्टर में 360 डिग्री का सर्विलांस रडार लगा होने के साथ इसमें आत्मरक्षा सूट भी है। हेलीकॉप्टर की लंबाई 74.92 फुट और ऊंचाई 21.83 फुट है। हेलिकॉप्टर की रेंज 1390 किलोमीटर है।
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