प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर खर्च हर साल कम होता गया है। इस बात का खुलासा यात्राओं पर खर्च को लेकर दाखिल की गई आरटीआई के जवाब में किया गया है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रियों की औपचारिक विदेश यात्राओं में 225.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं राज्य मंत्रियों की विदेश यात्राओं में 13.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें सरकार द्वारा यात्राओं पर चार सालों (1 अप्रैल , 2014 से 31 मार्च, 2018) के खर्च का ब्योरा है।
यानी बीते चार सालों में केंद्र सरकार के मंत्रियों की विदेश यात्राओं में 239.05 करोड़ रुपये का खर्च आया। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ये खर्च हर साल कम भी होता गया है। आरटीआई एप्लीकेशन के जवाब में कैबिनेट मामलों के वेतन और लेखा कार्यालय ने केंद्रीय मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की औपचारिक विदेश यात्राओं के खर्च का ब्योरा दिया।
मंत्रीमंडल में इस वक्त 25 कैबिनेट मंत्री, 45 राज्यमंत्री (11 के पास स्वतंत्र प्रभार) हैं। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि 2014 से 2015 तक विदेश यात्राओं का खर्च 90.88 करोड़ रुपये था। इसमें यूपीए के मंत्रियों की यात्रा का खर्च भी शामिल है। क्योंकि एनडीए की सरकार ने 27 मई, 2014 को कार्यभार संभाला था। इस जवाब में खर्च को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
इससे पहले 13 दिसंबर को एक सवाल के जवाब में विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि पीएम मोदी की 48 औपचारिक विदेश यात्राओं में 2,021.58 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जिसमें विमान के रखरखाव में आया खर्च और चार्टर्ड उड़ान आदि का खर्च भी शामिल है।
आरटीआई के जवाब के मुताबिक कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की यात्रा का खर्च कुछ इस प्रकार है-
| (करोड़ में) |
2014-15 |
2015-16 |
2016-17 |
2017-18 |
कुल |
| कैबिनेट मंत्री |
88.48 |
75.98 |
36.99 |
23.85 |
225.30 |
| राज्यमंत्री |
2.40 |
4.53 |
3.03 |
3.79 |
13.75 |