केंद्र की मोदी सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए हज के लिए दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर दी। सरकार ने कहा है कि अब यह पैसा मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर खर्च होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि इस सब्सिडी को खत्म कर मुस्लिमों की शिक्षा पर खर्च किया जाना चाहिए।
इसके अलावा सरकार ने हाजियों की दो कैटिगरी (ग्रीन और अजीजिया) निर्धारित कर रखी हैं। इस बार सरकार ने ग्रीन कैटेगरी के लिए अधिकतम 2,39,600 रुपये तय किए, वहीं अजीजिया कैटेगरी के लिए ये रकम 2,06,200 रुपये थी। वहीं एयर-फेयर की वजह से हर राज्य का खर्च अलग-अलग होता है। खाने-पीने पर हाजियों को खुद ही खर्च करना पड़ता है।
सऊदी अरब ने तय किया है हाजियों का कोटा
सऊदी अरब ने हर देश का एक कोटा तय कर रखा है कि जो हर साल अपने यहां से कितने हाजी भेज सकते हैं। सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया को सबसे ज्यादा 2,20,000 हाजियों का कोटा दिया गया है। इसके बाद पाकिस्तान (11 फीसदी), भारत (11फीसदी) और बांग्लादेश (8 फीसदी) की बारी आती है।
भारत से कितने हज यात्री
अल्पसंख्यक मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा समय में कुल 1.75 लाख भारतीय नागरिक हज पर जा सकते हैं। लेकिन हाल ही में सऊदी अरब ने हज कोटा में 5,000 की वृद्धि की है।
किस राज्य में कितनी है हाजियों की संख्या
उत्तर प्रदेश में साल 2017 में सबसे ज्यादा 29,017 हाजियों को पवित्र यात्रा हज पर जाने का मौका मिला था। तो वहीं दूसरे स्थान पर गुजरात था जहां से 10,877 हाजियों को मौका मिला। वहीं सबसे कम हरियाणा के 1343 हाजियों को हज यात्रा पर जाने का मौका मिला।