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अगस्ता वेस्टलैंड: जानिए इस वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील की अब तक की पूरी कहानी

Wed, 05 Dec 2018 07:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Augusta Westland Helicopter
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अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के एक प्रमुख बिचौलिए मिशेल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया है। आरोप है कि इसने सौदे को पक्का करवाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। ये हेलिकॉप्टर भारतीय वायुसेना के लिए खरीदे जाने थे, जिनमें से 8 का इस्तेमाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी की उड़ान के लिए किया जाना था। वहीं बाकी के चार हेलिकॉप्टरों में एक साथ 30 एसपीजी कमांडो के सवार होने की क्षमता थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर यह अगस्ता वेस्टलैंड डील क्या थी और क्या इसकी वजह से देश की राजनीति में इससे नया तूफान आ सकता है।

3600 करोड़ में खरीदे जाने वाले थे 12 हेलिकॉप्टर

2010 में भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच करार हुआ था। जनवरी 2014 में भारत सरकार ने 3600 करोड़ रुपए के करार को रद्द कर दिया। आरोप था कि इसमें 360 करोड़ रुपये का कमीशन लिया गया।

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इसके बाद भारतीय वायुसेना को दिए जाने वाले 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की सप्लाई के करार पर सरकार ने फरवरी 2013 में रोक लगा दी थी। जिस वक्त यह आदेश जारी किया गया, भारत 30 फीसदी भुगतान कर चुका था और बाकी तीन अन्य हेलीकॉप्टरों के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी।

यह मामला इटली की अदालत में चला जिसमें ये बातें उजागर हुईं कि 53 करोड़ डॉलर का ठेका पाने के लिए कंपनी ने भारतीय अधिकारियों को 100-125 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी थी। इतालवी कोर्ट के फैसले में पूर्व आईएएफ चीफ एसपी त्यागी का भी नाम सामने आया था।

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क्या है अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर की खूबियां?

इसलिए हुई थी डील

  • 30 यात्री सवार हो सकते हैं
  • अधिकतम रफ्तार 278 किलोमीटर प्रति घंटा
  • बुलेटप्रूफ बॉडी
  • मशीनगन फिट करने की सुविधा
  • दो पायलट की क्षमता
  • तीन ताकतवर इंजन
  • हवा में ईंधन भरने की क्षमता
  • सबसे बड़ा केबिन 8.3 फीट चौड़ा, 6.1 फीट ऊंचा

AW101 में और भी कई खूबी हैं

  • सबसे बड़ा केबिन 2.49 मीटर चौड़ा, 1.83 मीटर ऊंचा
  • अधिकतम वजन 15,600 किलो
  • क्षमता: दो पायलट, 30 यात्री
  • 3 ताकतवर इंजन
  • तीन स्वतंत्र हाइड्रॉलिक सिस्टम
  • अधिकतम रफ्तार 278 किलोमीटर प्रति घंटा
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2010 में दिया गया था ठेका

जब रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए तो पूर्व वायुसेना प्रमुख समेत कई अधिकारियों का नाम सामने आया था। यह घोटाला तब सुर्खियों में आया जब इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण से जुड़ी कंपनी फिनमेकानिका के पूर्व मुखिया ओरसी को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

अदालत ने कंपनी फिनमेकानिका को दोषी पाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट ने अपने आदेश में फिनमेकानिका की अधीनस्थ (सबसिडरी) कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनि को साढे चार साल जेल की सजा सुनाई है। ओरसी पर भारत सरकार से वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के इस सौदे को हासिल करने के लिए कथित तौर पर 362 करोड़ रुपए की रिश्वत देने का आरोप लगा था।

इस वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में पूर्व एयर चीफ एसपी त्यागी समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

कंपनी का सलाहकार था मिशेल

भारत सरकार ने आठ फरवरी, 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था। मिशेल 1980 के दशक से ही कंपनी के साथ काम कर रहा था और इससे पहले उसके पिता भी भारतीय क्षेत्र के लिए कंपनी के सलाहकार रह चुके थे। मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर्स का सलाहकार बताया जाता है, जिसे हेलीकॉप्टर, सैन्य अड्डों और पायलटों की तकनीकी जानकारी थी।

सीबीआई और ईडी की पहल

मिशेल के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने औपचारिक रूप से 2017 में अनुरोध किया था। यह अनुरोध सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से की गई आपराधिक जांच पर आधारित था। ईडी ने मिशेल के खिलाफ जून, 2016 में दाखिल अपने आरोप पत्र में कहा था कि मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड से 225 करोड़ रुपये मिले था। आरोपपत्र के अनुसार वह राशि और कुछ नहीं बल्कि कंपनी की ओर से दी गई रिश्वत थी।
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