यूपी के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों के बीच जुमलेबाजी और जुबानी रस्साकसी का दौर जारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले ही यूपी में बिजली न होने की बात कहते हुए प्रदेश सरकार पर तंज कसा था। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव को नागवार गुजरी तो उन्होंने बिजली के तारों को छूने की चुनौती दे डाली।
अखिलेश की पत्नी और लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने भी उनके बयान को दोहराते हुए कई सभाओं में प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। इसके बाद से ही राजनीतिक पंडितों की निगाहें इस बात पर टिकी हुई थी कि अखिलेश के बयान की प्रधानमंत्री कौन सी काट निकालने वाले हैं।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी और बिजली के तारों पर अखिलेश के साथ साथ गठबंधन में उनके सहयोगी राहुल गांधी को भी लपेट लिया। मिर्जापुर में आयोजित एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर एक तीर से एक साथ दो निशाने साध दिए।
उन्होंने अखिलेश की चुनौती का तो जवाब दिया ही इसके बहाने उनसे गठबंधन करने वाले राहुल गांधी और उनकी पार्टी को भी लपेटे में ले लिया। मोदी ने सरल अंदाज में यह कहकर अखिलेश पर उन्हीं के अंदाज में तंज कस दिया कि ये बात तो खुद उनके 'यार' राहुल गांधी ने एक चुनावी सभा में कही थी।