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फुटबाल के शौकीन, KFC में काम करने वाले शहजाद ने एक 'किक' में दहला दिया लंदन

Tue, 06 Jun 2017 03:58 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
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लंदन में हुए आतंकी हमले में सात लोगों की जान लेने वाले तीन आतंकियों में से एक खुर्रम शहजाद बट की पहचान पाकिस्तानी मूल के युवक के रूप में हुई है। जन्म के कुछ दिन बाद पाकिस्तान से लंदन आने वाले बट को पुलिस ने हमले के तुरंत बाद मार गिराया था। मामले की जांच में उसके बारे में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। 
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न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार शहजाद बट ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसी एमआई-5 द्वारा आतंकियों पर बनाई गई डाक्यूमेंट्री 'द जिहादीज नेक्सट डोर' में भी दिखाई दिया था। उसने कट्टरपंथी विचारों के कारण इस्लाम के पक्ष में मुहिम छेड़ रखी थी, इसमें उसे जेल में बंद एक कट्टरपंथी का साथ भी मिला। हालांकि ईस्ट लंदन में उसके पडोस में रहने वाले लोग उसे एक पारिवारिक व्यक्ति के रूप में ही जानते हैं। 

आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के बाद ही बट पिछले छह महीने से भूमिगत रहकर किसी बड़ी वारदात के ‌लिए काम कर रहा था। हालांकि पिछले साल वह लंदन ट्रांसपोर्ट की एक कंपनी से ट्रेनी कस्टमर सर्विस असिस्टेंट के तौर पर भी जुड़ा था। ब्रिटिश मीडिया में छपी खबरों के अनुसार उसने फूड चेन केएफसी में भी कुछ दिन काम किया था, इसके अलावा वह फुटबाल का भी बड़ा प्रशंसक माना जाता था। 
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कट्टरपंथियों पर बनी डाक्यूमेंट्री में भी दिखा था बट

इसी बीच वह कट्टरपंथियों पर बनी एक डाक्यूमेंट्री 'द जिहादीज नेक्सट डोर' में भी दिखाई दिया। इसके बाद ही उसके कट्टरवादी विचार सामने आए। काफी संख्या में लोगों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से भी की। 

उन्होंने बताया कि जिस जिम में वो जाते हैं वहां आने वाला एक युवक सभी को ईस्लामिक स्टेट (ISIS) ज्वाइन करने की सलाह देता है। उस युवक की पहचान शहजाद बट के रूप में हुई। एक महिला ने अधिकारियों को बताया कि वह युवक बच्चों को कट्टरपंथी बनाने की सलाह देता है। 

लंदन में रमाधान फांडेशन थिंक टैंक चलाने वाले मोहम्मद शफीक ने बताया कि साल 2013 में ब्रिटिश पार्लियामेंट के बाहर बट ने उससे गालीगलौज भी की थी। शफीक ने आरोप लगाया कि बट ने उसे अरबी में गाली दी और गद्दार बताते हुए कहा था कि वह सरकार का पिछलग्गू है। 
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जेल में बंद कट्टरपंथी के संपर्क में आकर बदली विचारधारा

शफीक के अनुसार उसी समय बट जेल में बंद एक प्रतिबंधित संगठन अल महाजिरीन के मुखिया अंजेम चौधरी के संपर्क में आया। चौधरी को बीते सितंबर में ही आईएस के आतंकियों से संपर्क रखने के आरोप में साढ़े पांच साल के लिए जेल की सजा हुई है। बता दें कि महाजिरीन को साल 2005 में लंदन मेट्रो में हुए ब्लास्ट का आरोपी माना जाता है जिसमें 52 लोगों की मौत हो गई थी। 

शफीक बताते हैं कि मुझे इस पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ कि खुर्रम आतंकी गतिविधि में शामिल रहा होगा, हालांकि यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर सवाल है।  

वहीं बट को जानने वाले एक ड्राइविंग प्रशिक्षक सलाहुद्दीन बताते हैं कि हमने उसे न जाने कितनी बार यहां देखा था। वह शुरूआत में बिल्कुल दोस्ताना व्यवहार करता था लेकिन अचानक उसके व्यवहार में बदलाव आ गया। हालांकि वह आक्रामक तो नहीं हुआ था लेकिन वह बातचीत में बस हाय और बाय का ही इस्तेमाल करता था। बट को जानने वाले एक अन्य युवक माइकल मिंबो ने बताया कि उसे यहां लोग ABZ के निक नाम से जानते थे। 
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