बंगलूरू में रहने वाला मोहम्मद रियाज खान एक ऐसा शख्स है, जिसका हादसों से पुराना नाता रहा है। उसका सामना ऐसे हादसों से भी हुआ कि जहां किसी के बचने की भी उम्मीद न की जाए लेकिन शायद ऊपर वाले ने उसकी तकदीर अपने हाथों से ही लिखी इसलिए उसका बाल तक बांका न हो पाया। हर हादसे में मौत को मात देकर रियाज सकुशल वापिस लौट आए। कुछ ऐसे ही हादसे में एक बार फिर उनकी जान बच गई।
इससे पहले की रियाज की पिछली बातों का जिक्र करें एक निगाह मौजूदा मामले पर डाल लेते हैं। कुछ दिन पहले रियाज एक सड़क हादसे का शिकार हुए जब वो स्कूटर से कहीं जा रहा था।
इस दौरान उसकी पत्नी और 14 महीने की बच्ची भी साथ थी। पेशे से सेल्ममेन रियाज दोद्दमावाल्ली इलाके में रहता है। उसने इस बार हुए हादसे के बारे में बताया और सड़क पर स्कूटर से जाते समय अचानक गड्ढे में उसका पहिया फंसा और वह नीचे गिर गया। इसी बीच पीछे से आती तेज रफ्तार गाड़ियों ने उसकी धड़कनें बढ़ा दीं, लेकिन उसकी किस्मत रही कि उसकी जान बच गई।
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खान के साथ हुए हादसों की कहानी कहीं ज्यादा रोचक है। सबसे पहले उसकी जान साल 2004 में आई सुनामी में बची, जहां वो जैसे-तैसे बच पाया था, उस समय भी उसके साथ के काफी लोग मारे गए थे। इसके बाद साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के दौरान खान बाल बाल बच गया था। साल 2013 में खान हैदराबाद की एक होटल की बिल्डिंग में था और जैसे ही वो उससे बाहर तभी अचानक भरभराकर पूरी इमारत ढह गई।
खान की किस्मत ने उसका साथ देना यही नहीं छोड़ा, कुछ दिन पहले जब वो हज यात्रा पर गया था उस वक्त भी एक बड़े हादसे से उसका सामना हुआ, लेकिन यहां भी किस्मत ने उसका साथ दिया। सऊदी में खान के साथ दो हादसे हुए पहला, एक विशाल क्रेन उसके ऊपर गिरने से बची, और दूसरा जिस कमरे में वो सो रहा था वहां जनेटर में जोरधार धमाका हुआ। दोनों हादसों में ही कई लोगों की मौत हुई लेकिन रियाज का बाल भी बांका नहीं हुआ।
हाल ही में हादसे की आपबीती बताते हुए खान ने कहा कि वो बंगलूरू की सड़कों की हालत बेहद खस्ती है। मेट्रो कंसट्रक्शन की आड़ में सड़कों में गड्ढे पड़े हुए हैं, लेकिन प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लेता है।