ओहाना ने कहा कि आतंकवादी हमले में भाग लेने वाले सभी लोगों को कटघरे में लाया जाना चाहिए। सबसे पहले, हमें हमले को रोकने की आवश्यकता है, लेकिन एक बार जब हम रोकने में सफल नहीं होते, तो सभी को न्याय के लिए लाया जाए।
इस्राइली संसद नेसेट के अध्यक्ष आमिर ओहाना अपने चार दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं। ओहाना ने मंगलवार को कहा कि मुंबई में 26/11 आतंकवादी हमला करने वाले आतंकवादियों को भेजने वालों को कटघरे में लाना चाहिए। नवंबर 2008 को नरीमन हाउस, चबाड हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ओहाना ने कहा कि आतंक धर्म और नस्ल के बीच अंतर नहीं करता।
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न्याय का इंतजार कर रहे हैं
ओहाना ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए कहा कि हमें 26/11 आतंकवादी हमले को अभी खत्म नहीं करना है। हम अभी भी इंतजार कर रहे हैं, जिन्होंने आतंकवादियों को भेजा उन्हें कटघरे लाया जाए। दक्षिण मुंबई में नरीमन हाउस पर हमले के दौरान, पाकिस्तानी आतंकवादियों ने चार आगंतुकों के अलावा रब्बी गैवरियल होल्ट्जबर्ग और उनकी पत्नी रिवका होल्ट्जबर्ग की हत्या कर दी थी। रब्बी का दो साल का बेटा मोशे को दाई सैंड्रा सैमुअल ने बचा लिया था।
चार दिनों तक चला आतंकी हमला
ओहाना ने कहा कि आतंकवादी हमले में भाग लेने वाले सभी लोगों को कटघरे में लाया जाना चाहिए। सबसे पहले, हमें हमले को रोकने की आवश्यकता है, लेकिन एक बार जब हम रोकने में सफल नहीं होते, तो सभी को न्याय के लिए लाया जाए। पाकिस्तान के 10 आतंकवादियों ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर आतंकी हमला किया, जो चार दिनों तक चला, जिसमें 166 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हो गए। हालांकि, दस में से नौ आतंकवादियों को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया। स्पीकर ने कहा कि यहूदी सदियों से भारत में रह रहे हैं। उन्होंने कभी घृणा या यहूदी-विरोधी का अनुभव नहीं किया, जो बहुत ही अनोखा है। उन्होंने मुंबई में केसेट एलियाहू सिनेगॉग का भी दौरा किया।