पुलिस मुख्यालय से कुछ दूरी पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। वहां पुलिस की बस को प्रदर्शनकारी किसानों ने ट्रैक्टर से धक्का मारा ताकि उसे सड़क से हटाया जा सके। पुलिस वाले उन्हें समझाते रहे। हालात बेकाबू होने के बाद पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। लाल किले पर किसानों के प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में सीपीएम के झंडे भी नजर आए।
उग्र हो गए किसान
लाठीचार्ज से पहले ही किसान उग्र थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया, जिसके चलते कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस और किसानों के साथ जमकर झड़प हुई। पुलिस पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा। आखिर में बेकाबू प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन पर बल प्रयोग किया।
बता दें कि पिछले दो महीने से नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों के किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर आज किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालने का एलान किया। दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर मार्च निकालने के लिए तीन रूट तय किए थे, लेकिन किसान तय रूट से अलग मार्च निकालने लगे। दोपहर में किसान दिल्ली बॉर्डर से आईटीओ पहुंचे। इसके साथ ही आईटीओ पर काफी बवाल मचा हुआ है। किसानों के पथराव के बाद कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।