अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 6 अगस्त के बाद से हुई अभूतपूर्व बंदी और असमय बर्फबारी ने सेब, केसर और नाशपाती की 70 फीसदी फसल खत्म कर दी है। 6 अगस्त से हुई बंदी, कम्युनिकेशन सुविधाओं के अभाव और ट्रांसपोर्ट की समस्या के चलते पहले फसल को मंडी तक नहीं पहुंचा पाए। उस पर रही सही कसर 7 नवंबर को हुई बर्फबारी ने निकाल दी। किसानों ने 15 से 20 साल लगाकर जिन सेब केपेड़ों को बड़ा किया था वह 18 इंच से एक मीटर तक गिरी बर्फ ने फल लदे पेड़ों को फाड़ दिया।
यह दावा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के दौरे के बाद 7 सदस्यों वाली अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति ने किया है। शनिवार को दिल्ली के महिला प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में तीन दिन के दौरे से लौटे समिति के वीएम सिंह ने बताया कि उन लोगों ने कश्मीर के गांदरबल, पांपोर, पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग के किसानों के साथ चौपाल की और वहां के व्यापारियों से उनकी समस्याओं को सांझा किया।
किसानों ने समिति को बताया कि केंद्र के आग्रह पर नैफेड ने 1.36 लाख बक्से सेब किसानों से खरीदा। जबकि कुल उत्पादन 11 करोड़ बक्से था। उस पर नैफेड ने उस सेब को आसपास की मंडियों में सस्ते दाम पर बेचकर सेब के भाव को और गिरा दिया। उस पर किसानों से कहा गया कि वह अपना माल हाईवे तक लेकर आए इससे किसानों का लागत मूल्य बढ़ गया।