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जम्मू-कश्मीर के किसानों को तत्काल सहायता की जरूरतः किसान संघर्ष समिति

Sun, 17 Nov 2019 02:24 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर  में 6 अगस्त के बाद से हुई अभूतपूर्व बंदी और असमय बर्फबारी ने सेब, केसर और नाशपाती की 70 फीसदी फसल खत्म कर दी है।  6 अगस्त से हुई बंदी, कम्युनिकेशन सुविधाओं के अभाव और ट्रांसपोर्ट की समस्या के चलते पहले फसल को मंडी तक नहीं पहुंचा पाए। उस पर रही सही कसर 7 नवंबर को हुई बर्फबारी ने निकाल दी। किसानों ने 15 से 20 साल लगाकर जिन सेब केपेड़ों को बड़ा किया था वह 18 इंच से एक मीटर तक गिरी बर्फ ने फल लदे पेड़ों को फाड़ दिया।  

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यह दावा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर  के दौरे के बाद 7 सदस्यों वाली अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति ने किया है।  शनिवार को दिल्ली के महिला प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में तीन दिन के दौरे से लौटे समिति के वीएम सिंह ने बताया कि उन लोगों ने कश्मीर के गांदरबल, पांपोर, पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग के किसानों के साथ चौपाल की और वहां के व्यापारियों से उनकी समस्याओं को सांझा किया।  

किसानों ने समिति को बताया कि केंद्र के आग्रह पर नैफेड ने 1.36 लाख बक्से सेब किसानों से खरीदा। जबकि कुल उत्पादन 11 करोड़ बक्से था।  उस पर नैफेड ने उस सेब को आसपास की मंडियों में सस्ते दाम पर बेचकर सेब के भाव को और गिरा दिया।  उस पर किसानों से कहा गया कि वह अपना माल हाईवे तक लेकर आए इससे किसानों का लागत मूल्य बढ़ गया।  

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इसके अलावा केवल कोल्ड स्टोरेज सुविधा की कमी के चलते केवल एक फीसदी सेब को सुरक्षित किया जा सकता है। ऐसे में किसानों की फसल पेड़ों से ही नहीं उतरी । बागवानी विभाग ने किसानों की फसल के 37 फीसदी नुकसान का आकलन किया है। जोकि किसानों ने कहा ठीक नहीं है। इसलिए सर्वे में बागवानी विभाग और रेवन्यू से कराया जाए।

समिति ने कहा उसके राष्ट्रीय सम्मेलन में  29 और 30 नवंबर को वहां के किसान दिल्ली पहुंचेंगे वह यहां कृषि मंत्री  से मिलकर अपनी समस्याओं के समाधान का आग्रह करेंगे। समिति ने कहा है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर किसानों बदहाली से अवगत कराएगी। किसान और केंद्र के मध्य सेतु का काम करके उन्हें न्याय दिलवाएगी।

इसलिए किसानों के नुकसान को देखते हुए वह इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग करते हैं।  इसके अलावा किसानों को आपदा रिलीफ फंड से सहायता उपलब्ध कराई जाए और सर्वे कराया जाए। जिससे किसानों के पूरे नुकसान  का आकलन और भरपाई हो सके।

सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाए । किसानों के कर्ज को माफ करवाएं और उनकी फसलों को भी फसल बीमा योजना की तरह ही बीमा का लाभ दिलवाएं। समिति के सात लोगों केदल में वीएम सिंह, राजू शेट्टी, कृष्ण प्रसाद, योगेंद्र यादव  शामिल थे। योगेंद्र यादव ने कहा वह केवल किसानों की समस्या का समाधान चाहते हैं।
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