तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के लिए 38 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों ने आंदोलन तेज करने का अल्टीमेटम दिया है। किसान नेताओं ने शनिवार को कहा कि अगर अगली वार्ता में सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तो 26 जनवरी को जब देश गणतंत्र दिवस मनाएगा, हम ट्रैक्टर परेड निकालेंगे।
सरकार के पास अब दो ही रास्ते
संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि 'सरकार के पास दो रास्ते हैं या तो कृषि कानूनों की बिन मांगी सौगात वापस ले और एमएसपी पर खरीद की गांरटी दे। या हमारा दमन करे, लाठी-गोली चलाए। लड़ाई आर-पार की है और किसान निर्णायक मोड़ पर हैं।'
वहीं केंद्रीय कृषि-किसान कल्याण मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि 'हमें उम्मीद है कि अगले दौर की वार्ता में समाधान निकल आएगा और किसानों का आंदोलन खत्म हो जाएगा। सरकार किसानों की दो मांगें मान चुकी है। तीनों कानून किसानों के हित में हैं और एमएसपी पर कोई संशय नहीं है।'
दिल्ली आंदोलन में शामिल यूपी के किसान ने दी जान
किसान आंदोलन में शामिल बिलासपुर के पसियापुरा निवासी बाबा कश्मीर सिंह (75) ने आत्महत्या कर ली। उनका शव शनिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर एक शौचालय में मिला। उनके पास से सुसाइड नोट भी मिला है। खेती के साथ उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे की सेवा करने वाले कश्मीर सिंह ने इसमें लिखा है कि 'कृषि कानून से आहत होकर वह जान दे रहे हैं।'