कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में अब विदर्भ में आत्महत्या कर चुके किसानों की विधवाएं भी दिल्ली कूच कर गई हैं। बृहस्पतिवार को विधवा महिलाएं और उनके परिजन सहित 100 लोगों का जत्था दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए यवतमाल के पांढरकवडा से दिल्ली रवाना हुआ।
विदर्भ जन आंदोलन समिति के अध्यक्ष व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री किशोर तिवारी ने यह जानकारी दी। तिवारी ने बताया कि ये महिलाएं दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए दिल्ली जा रही हैं। किसानों के परिजनों की भी मांग है कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस लें।
यात्रा में शामिल रेखा गुलवडे ने बताया कि 14 साल पहले पति ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उन पर आ पड़ी। किसी तरह से बच्चों की पढ़ाई पूरी कराई लेकिन हमारी समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली जाकर मोदी सरकार से मांग करेंगे कि किसानों को बचाने के लिए कृषि कानून रद्द करें। इस जत्थे का नेतृत्व कर रहे तिवारी ने कहा कि जब तक किसान आंदोलन चलेगा। हम आंदोलनकारी किसानों के साथ रहेंगे।