राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की उपस्थिति में राजपा के विधायक और मीणा समाज के बड़े नेता किरोड़ी लाल मीणा एक दशक बाद रविवार को भाजपा में शामिल हो गए।
उन्होंने अपने समर्थकों के साथ भाजपा मुख्यालय पहुंचकर मोबाइल पर मिस कॉल देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा को मीणा बाहुल्य क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों में आगामी चुनावों में लाभ मिलने की उम्मीद है।
मीणा अपनी पत्नी राजपा विधायक गोलमा देवी व गीता देवी के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और सभी ने भाजपा की सदस्यता ली।
मीणा के सदस्य बनते ही राजे ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया। राजपा के एक अन्य विधायक नवीन पिलानिया ने भाजपा में शामिल होने का फैसला नहीं किया और वे इस मौके पर नहीं पहुंचे। उनकी कांग्रेस में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि वे बिना शर्त बीजेपी में आए हैं।
मीणा ने यह भी कहा कि वह न तो केंद्र सरकार और न ही प्रदेश सरकार के कहने पर पार्टी से जुड़े रहे हैं, बल्कि विचारधारा के कारण वापस बीजेपी में आ रहे हैं। राजे ने कहा कि मेरी आंखों में खुशी के आंसू हैं। मैं हृदय के काफी खुश हूं।
भाजपा को कभी नहीं लगता था कि वे अलग हो गए हैं। मीणा का पार्टी के साथ दिल का रिश्ता रहा है। आज मुझे मेरा सक्षम भाई मिल गया है।
गौरतलब है कि किरोड़ी लाल मीणा पहले भाजपा में ही थे, पिछली वसुंधरा राजे सरकार में वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री भी रहे। लेकिन वसुंधरा राजे के पिछले कार्यकाल में अनबन के कारण वे अलग हो गए। इसके बाद उन्होंने राजे के खिलाफ ही कई रैलियां की और जमकर कोसा भी था। वर्ष 2008 के चुनावों के बाद उन्होंने कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को समर्थन दिया और उनकी पत्नी गोलमा देवी को मंत्री बनाया गया।
राज्यसभा की तैयारी में किरोड़ी लाल मीणा
किरोड़ी लाल मीणा ने राज्यसभा भेजे जाने का स्पष्ट इशारा भी किया। प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने जा रही हैं और सोमवार को ही नामांकन दाखिल करना है। मीणा ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें ही बीजेपी की ओर से राज्यसभा चुनाव में सोमवार को ही नामांकन भरना है।
मीणा ने कहा कि भाजपा चाहेगी तो वे जरूर राज्यसभा में जाना चाहते हैं। उन्होंने खुद को फील्ड का व्यक्ति बताया, लेकिन ये भी कहा कि फिर भी जो फैसला पार्टी का होगा उसे मानूंगा क्योंकि 10 साल पहले गलती मुझसे हुई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी अगर किसी और को राज्यपभा भेजना चाहे, तो उनकी अनुमति होगी।