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Parliament: किरेन रिजिजू ने कहा- अदालतों में 4.83 करोड़ से अधिक मामले लंबित, जजों की नियुक्ति में भी तेजी

Sat, 30 Jul 2022 05:13 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

Kiren Rijiju: केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले आठ माह में हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए 127 नए नामों की अनुशंसा की, जिनमें से 61 को नियुक्ति दी गई है।
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किरण रिजिजू - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देश में सुप्रीम कोर्ट से लेकर अधीनस्थ अदालतों में लंबित मामलों की संख्या पांच करोड़ तक पहुंचने वाली है। एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि एक जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट में 72,062 मामले जबकि 25 जुलाई को 25 हाईकोर्ट में 59,55,873 मामले लंबित थे। जिला और अधीनस्थ अदालतों में 4.23 करोड़ मामले लंबित हैं। इस तरह विभिन्न अदालतों में अभी 4.83 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं।

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कॉलेजियम ने भेजे 127 नाम 61 को नियुक्ति
रिजिजू ने बताया, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले आठ माह में हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए 127 नए नामों की अनुशंसा की, जिनमें से 61 को नियुक्ति दी गई है। 13 नाम ऐसे थे, जो कॉलेजियम ने एक से ज्यादा बार भेजे, जिनमें से आठ को न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया है। इस तरह से 140 सिफारिशों में से 69 को नियुक्त कर दिया गया है।  

एनजीटी में निस्तारण दर दर्ज शिकायतों से अधिक
विधि मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की मुकदमा निस्तारण दर शिकायतों से अधिक है।  रिजिजू के मुताबिके, एनजीटी ने देशभर में पर्यावरण, वन मंजूरी, हवा एवं जल प्रदूषण, तटीय विनियमन क्षेत्र और अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं। रेलवे दावा न्याधिकरण (आरसीटी) के संबंध में उन्होंने बताया कि उसके समक्ष 30 जून को 24,133 मुकदमे लंबित थे। न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता, दक्षता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने और किसी अप्रिय घटना को टालने के लिए आरसीटी की 20 में से 19 शाखाओं में ऑडियो रिकॉर्डिंग सुविधा वाले सीसीटीवी लगाए गए हैं।  
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2007 की पेट्रोकेमिकल विनिर्माण नीति विफल, बदलने पर विचार
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि मौजूदा पेट्रोलियम, केमिकल और पेट्रोकेमिकल इन्वेस्टमेंट रीजन (पीसीपीआईआर) नीति-2007 विफल है और इसमें बदलाव के लिए हितधारकों से विचार-विमर्श जारी है।

रसायन व उर्वरक राज्यमंत्री भगवंत खुबा ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि मौजूदा नीति में प्रावधान नहीं होने से ऐसे प्रोजेक्टों को अनुदान नहीं दिया जा सकता। सरकार का लक्ष्य 2035 तक 20 लाख करोड़ के निवेश आकर्षित कर भारत को पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल प्रसंस्करण और विनिर्माण के लिए वैश्विक केंद्र बनाना है। 

गौरवमय अतीत और भारत का भविष्य
संसद के संग्रहालय में शुक्रवार को देश का गौरवमय अतीत और भविष्य एक साथ नजर आया। संसद परिसर स्थित संग्रहालय देखने पहुंचे विद्यार्थियों ने लोकसभा के पहले स्पीकर जीवी मावलंकर, देश की पहली मंत्रिपरिषद के सदस्य श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमाओं के साथ बैठकर आजाद भारत की संसद के शुरुआती सत्र की कार्यवाही की गरिमा का अनुभव किया।

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