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Loksabha: अजय भट्ट बोले- देश में ही पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेटों के इंजन बनाने की कवायद

Sat, 30 Jul 2022 05:10 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि 80केएन क्षमता के लड़ाकू विमान के इंजन के डिजाइन, विकास और विनिर्माण के लिए स्वदेशी क्षमता डीआरडीओ और भारतीय उद्योगों के पास है।
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अजय भट्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा में शुक्रवार को कहा, सरकार पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के इंजनों के उत्पादन के लिए विदेशी रक्षा उत्पादन कंपनी के सहयोग की संभावना तलाश रही है। भारत पांचवीं पीढ़ी के मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) विकसित करने की पांच अरब डॉलर की परियोजना पर काम कर रहा है।

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भट्ट ने कहा कि 80केएन क्षमता के लड़ाकू विमान के इंजन के डिजाइन, विकास और विनिर्माण के लिए स्वदेशी क्षमता डीआरडीओ और भारतीय उद्योगों के पास है। एएमसीए के इंजनों के विकास तथा सह-उत्पादन के लिए विदेशी इंजन विनिर्माता कंपनी से सहयोग की संभावना तलाशी जा रही है।

पिछले साल फरवरी में वायुसेना के लिए 83 एलसीए तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 48000 करोड़ रुपये का करार किया गया था। 
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विदेश मंत्रालय के जरिये ही राज्यों से संपर्क कर सकते हैं विदेशी दूतावास
केरल के सोना तस्करी मामले पर राजनीतिक घमासान के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने राज्य के अधिकारियों का सामान भेजने के लिए यूएई के राजनयिकों की मदद के मामले में उसकी मदद नहीं मांगी थी। लोकसभा में विदेश राज्यमंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने कहा, मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार विदेशी मिशनों को राज्य सरकार के साथ कोई भी कामकाज विदेश मंत्रालय के जरिये करना होता है। 

उन्होंने कहा, बिना विदेश मंत्रालय की मंजूरी के राज्य सरकारें विदेशी राजनयिकों, राजदूतों के कार्यक्रम या मुलाकातें आयोजित नहीं कर सकतीं। आरएसपी नेता एनके प्रेमचंद्रन के सवाल के जवाब में उन्होंने बताया, केरल सरकार ने  सामान भेजने के लिए यूएई के राजनयिकों की मदद मांगने में केंद्र की मंजूरी नहीं ली थी। 

एक लाख से ज्यादा लोग करतारपुर कॉरिडोर से दरबार साहिब पहुंचे  
नवंबर 2019 में करतारपुर कॉरिडोर शुरू किए जाने से अब तक 1,10,670 लोग दरबार साहिब गुरद्वारे के दर्शन को पाकिस्तान गए हैं। विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा में बताया कि इन में भारतीयों के साथ प्रवासी भारतीय भी शामिल हैं। भारत के डेरा बाबा नानक साहिब को पाकिस्तान के करतारपुर से जोड़ने वाला यह गलियारा जनता की मांग पर खोला गया। 

करतारपुर गुरुद्वारा पाकिस्तान के नरोवाल जिले में रावी नदी के पार डेरा बाबा नानक गुरद्वारे से चार किमी दूर स्थित है। यहां गुरु नानक देव ने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे। कॉरिडोर से बिना पासपोर्ट के दरबार साहिब की यात्रा की मांग की जा रही है। 

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