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किरेन रिजिजू बोले: मैं खुद अल्पसंख्यक, पाकिस्तान या बांग्लादेश में होता तो शरणार्थी होता; भारत सबसे सुरक्षित

Sat, 19 Jul 2025 03:35 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों को जो स्वतंत्रता और सुरक्षा मिल रही है, वह बहुसंख्यक समाज की सहिष्णुता की वजह से है। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक अल्पसंख्यक हूं। अगर पाकिस्तान या बांग्लादेश में होता, तो शायद आज शरणार्थी होता। इसके साथ ही रिजिजू ने इस मामले में कांग्रेस पर गलत प्रचार करने का आरोप भी लगाया। 

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति और उनकी सुरक्षा की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक अल्पसंख्यक हूं। अगर हम पाकिस्तान या बांग्लादेश में होते, तो शायद आज शरणार्थी होते। लेकिन भारत में हर अल्पसंख्यक और आदिवासी अपने ही देश में सुरक्षित है, क्योंकि यहां की बहुसंख्यक हिंदू आबादी स्वभाव से सहिष्णु और धर्मनिरपेक्ष है।

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बहुसंख्यक आबादी के कारण मिल रही सुरक्षा
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान रिजिजू ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों को जो स्वतंत्रता और सुरक्षा मिल रही है, वह यहां की बहुसंख्यक आबादी के कारण है। उन्होंने कहा कि मैंने अब तक एक भी ऐसा मामला नहीं देखा जिसमें किसी अल्पसंख्यक ने यह कहा हो कि उसे भारत छोड़ना है क्योंकि उसे यहां कुछ नहीं मिल रहा।

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कांग्रेस पर भी साधा निशाना
रिजिजू ने अपने बयान में कांग्रेस पर गलत प्रचार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समर्थित वामपंथी सोच वाले लोग यह लगातार प्रचार कर रहे हैं कि भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। रिजिजू ने कहा कि ऐसा नैरेटिव देश के लिए नुकसानदायक है। इसके साथ ही रिजिजू ने पूर्व मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के भारत अल्पसंख्यकों के लिए स्वर्ग है वाले बयान पर कहा कि भारत एक कानून का पालन करने वाला, धर्मनिरपेक्ष और संविधान आधारित देश है, जहां बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों कानून की नजर में बराबर हैं।

'कुछ सुविधाएं सिर्फ अल्पसंख्यकों को मिलती हैं'
रिजिजू ने कहा कि जो सुविधाएं बहुसंख्यक समुदाय को मिलती हैं, वे अल्पसंख्यकों को भी मिलती हैं, लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी भी हैं जो केवल अल्पसंख्यकों के लिए होती हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय की सभी योजनाएं पूरे देश में लागू होती हैं और छह मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक समुदायों के लिए विशेष सहायता भी दी जाती है। रिजिजू ने कहा कि चीन, म्यांमार, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान से लोग भारत में इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें भारत के संविधान और यहां के लोगों पर भरोसा है।

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ओवैसी ने किया पलटवार

वहीं रिजिजू के इस बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जबरदस्त पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हम भारत के अल्पसंख्यक हैं, कोई राजा की प्रजा नहीं। हमारे अधिकार संविधान से मिलते हैं, ये कोई दान नहीं है। ओवैसी ने कहा कि हम डरकर भागने वालों में से नहीं हैं। हमने ब्रिटिश राज, बंटवारे, और गुजरात, दिल्ली, मोरादाबाद जैसे दंगों का सामना किया है, लेकिन कभी नहीं भागे।

उन्होंने कहा कि हम अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। ओवैसी ने यह भी कहा कि भारत की तुलना पाकिस्तान या श्रीलंका जैसे विफल देशों से न करें। हमारा संविधान महान है और हम उसका सम्मान करते हैं। जय हिंद, जय संविधान!

 

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