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Kiren Rijiju: रिजिजू का आना-जाना दोनों चौंका गया, विनम्रता के साथ किया स्वीकार, तल्ख बयान...जो बने सुर्खियां

Fri, 19 May 2023 06:18 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

पूर्वोत्तर में भाजपा का प्रमुख चेहरा, लेकिन कानून मंत्री के रूप में दो साल से कुछ कम के कार्यकाल में न्यायपालिका से टकराव और विवादों को लगातार दिया तूल... यही बनी हटाए जाने की वजह
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किरेन रिजिजू। - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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करीब दो साल पहले जब किरेन रिजिजू को भाजपा के खांटी नेताओं में से एक रविशंकर प्रसाद की जगह नया कानून मंत्री बनाया गया, तब भी इस फैसले ने उसी तरह चौंकने पर मजबूर किया, जैसे बृहस्पतिवार को इस पद से उनकी विदाई ने चौंकाया। दरअसल, किरेन रिजिजू राजनीतिक और भौगोलिक रूप से संवेदनशील अरुणाचल प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल करने और बेहद अच्छी हिंदी बोलने के अलावा भाजपा के प्रति समर्पण को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 2004 में पहली बार लोकसभा सांसद बने रिजिजू यूपीए के कार्यकाल में सदन में विपक्ष के पांच सबसे अच्छे वक्ताओं में शुमार किए गए थे।

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दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने के बावजूद कानूनी बिरादरी के लिए रिजिजू एक अपरिचित नाम थे। उन्होंने बेहद कम समय के लिए वकालत की और जल्द ही राजनीति में आ गए। इसलिए वकीलों और जजों की बिरादरी में न उनका कोई दोस्त था, न दुश्मन। हालांकि, न्यायपालिका के साथ टकराव को लेकर वह लगातार चर्चा में बने रहे। टकराव कॉलेजियम सिस्टम पर शुरू हुआ और अंत आते-आते न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी पर खत्म हुआ। जजों की नियुक्ति में देरी पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी पर रिजिजू ने कहा था कि अगर आपको लगता है कि सरकार फाइलों पर बैठी है तो फाइलें मत भेजो।

सार्वजनिक हुई थी सरकार की आपत्ति : रिजिजू के कार्यकाल में कानून मंत्री और न्यायपालिका के टकराव के बीच जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया के संदर्भ में अभूतपूर्व स्थितियां पैदा हुईं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने रिजिजू के कानून मंत्री रहते पहली बार जजों की नियुक्ति के मामले में सरकार की आपत्तियों को सार्वजनिक कर दिया था। इसी साल जनवरी में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने दिल्ली, मद्रास और बॉम्बे हाईकोर्ट के तीन वरिष्ठ वकीलों क्रमश: सौरभ किरपाल, जॉन सथ्यन और सोमशेखर सुंदरसन के नाम को दोबारा भेजने के कारणों को सार्वजनिक कर दिया।
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अभी तक जितेंद्र सिंह के पास था पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय : बदलाव के कारण डॉ. जितेंद्र सिंह का एक विभाग कम हुआ है। रिजिजू से पहले पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय उनके पास था। उनके पास अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोकशिकायत, पेंशन और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी बची है।

मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के संकेत
इस अहम बदलाव के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार में देरी की संभावना है। पहले कहा जा रहा था कि दूसरे कार्यकाल के चार साल पूरा होने के तत्काल बाद विस्तार को अंजाम दिया जाएगा। अब यह जुलाई तक टल सकता है।

विनम्रता के साथ स्वीकार
किरेन रिजिजू ने कहा कि मेरे सहयोगी केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल को कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं। मैं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में पीएम नरेंद्र मोदी के विजन को उसी जोश के साथ पूरा करने के लिए तत्पर हूं। मैं भाजपा के एक विनम्र कार्यकर्ता के रूप में इसे स्वीकार करता हूं।

रिजिजू के जिम्मे होगा ‘समुद्रयान’ प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन का काम
नवनियुक्त पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू के जिम्मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आकांक्षी प्रोजेक्ट ‘समुद्रयान’ के कार्यान्वयन की देखरेख का काम होगा। इस प्रोजेक्ट में गहरे समुद्र की खोज के लिए तीन विशेषज्ञों को 6,000 मीटर की गहराई तक ले जाने की योजना है।

यह प्रोजेक्ट समुद्र की गहराई में छिपे खनिजों और गूढ़ रहस्यों का पता लगाने के लिए शुरू किया गया है। राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) चेन्नई ने इसके लिए विशेष पनडुब्बी मत्स्य 6000 विकसित की है। समुद्रयान का पहला समुद्री परीक्षण अगले साल की शुरुआत में होने की संभावना है। पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट का जिक्र 2021 और 2022 के स्वतंत्रता दिवस पर दिए अपने भाषण में किया था।

वह तल्ख बयान...जो बने सुर्खियां
अरुणाचल प्रदेश से आने वाले 51 वर्षीय रिजिजू की ‘अंकल जज सिंड्रोम’ वाली टिप्पणी पर भी काफी विवाद हुआ था। उन्होंने कहा था कि हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति पर विवाद तब तक बना रहेगा जब तक कॉलेजियम प्रणाली रहेगी। हाईकोर्ट में तीन वरिष्ठ जज तय करते हैं कि अगले जज कौन होंगे। वे केवल उन नामों पर निर्णय लेंगे जो उनकी जानकारी या उनके अधिकार क्षेत्र में हैं।

कॉलेजियम ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहां जज सिर्फ उन्हीं का नाम लेंगे जिन्हें वे जानते हैं। उन्होंने कहा था कि अंकल-जज का मतलब है कि अगर आपका कोई जानने वाला जज बन गया है, तो आपका रास्ता साफ हो जाता है।

जजों को नहीं लड़ना पड़ता चुनाव
न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच बढ़ते विवाद के बीच, रिजिजू ने कॉलेजियम प्रणाली को संविधान के लिए ‘विदेशी’ करार दिया था। महाराष्ट्र बार काउंसिल के कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि जजों को चुनाव लड़ने या सार्वजनिक जांच का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, वे अभी भी अपने कार्यों और अपने निर्णयों के लिए जज हैं। उन्होंने आगे कहा था कि लोग आपको देख रहे हैं और आपको जज कर रहे हैं। आपके निर्णय, आपकी कार्य प्रक्रिया और यह भी कि आप कैसे न्याय करते हैं?

सरकार अगर फाइलों पर बैठी है तो मत भेजें
पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट में कुछ नियुक्तियों को ‘रोकने’ के लिए सरकार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा था कि यह कभी न कहें कि सरकार फाइलों पर बैठी है। फिर फाइलें सरकार को मत भेजें, आप खुद को नियुक्त करें, आप शो चलाते हैं। उन्होंने कहा था कि कोई भी चीज जो केवल अदालतों या कुछ जजों कि तरफ से लिए गए फैसले के कारण संविधान से अलग है, आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि फैसला हमेशा देश के समर्थन में होगा।

पारदर्शी नहीं है कॉलेजियम प्रणाली
नवंबर 2022 को रिजिजू ने कहा था कि जब तक कॉलेजियम सिस्टम है, उन्हें इसका सम्मान करना होगा लेकिन अगर आप उम्मीद करते हैं कि सरकार को जज के रूप में नियुक्त किए जाने वाले नाम पर सिर्फ इसलिए हस्ताक्षर कर देने चाहिए क्योंकि सिफारिश कॉलेजियम ने की है तो सरकार की क्या भूमिका है? ड्यू डिलिजेंस शब्द का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि कॉलेजियम प्रणाली में खामियां हैं और लोग आवाज उठा रहे हैं कि प्रणाली पारदर्शी नहीं है।

कुछ जज भारत विरोधी गिरोह का हिस्सा
इसी वर्ष मार्च एक निजी चैनल पर कार्यक्रम के दौरान रिजिजू ने कहा कि कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीश और कार्यकर्ता एक भारत विरोधी गिरोह का हिस्सा हैं और भारतीय न्यायपालिका को एक विपक्षी दल की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं। देश के खिलाफ काम करने वालों को कीमत चुकानी पड़ेगी।

कोई किसी को चेतावनी नहीं दे सकता : रिजिजू ने जजों की नियुक्ति के मुद्दे पर प्रयागराज में कहा था कि लोकतंत्र में सिर्फ जनता मालिक होती है। कोई किसी को चेतावनी नहीं दे सकता है।

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