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Kiren Rijiju: 'जोश जरूरी, पर संसद में संयम भी चाहिए', महुआ मोइत्रा विवाद पर बोले केंद्रीय मंत्री रिजिजू

Wed, 16 Apr 2025 07:04 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किरेन रिजिजू ने बुधवार को विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार पर सदन में जबरन विधेयकों को पास करने के आरोपों का जवाब दिया। साथ ही उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़ी एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया। रिजिजू ने कहा कि राजनीति में युवा जोश और स्थिरता जरूरी है, लेकिन धैर्य और अनुभव भी उतना ही जरूरी होता हैं।
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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : ANI
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विस्तार
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विपक्ष की तरफ से केंद्र सरकार पर सदन में जबरन विधेयकों को पास करने के आरोपों पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कई बार जब विधेयकों पर मतभेद होते हैं, तब ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। साथ ही रिजिजू ने तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़ी एक पुरानी घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में युवा जोश और स्थिरता जरूरी है, लेकिन धैर्य और अनुभव भी उतना ही जरूरी होता हैं। संसद में शालीनता और सम्मान बनाए रखना हर सदस्य की जिम्मेदारी है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने ये बात एक न्यूज एजेंसी के साथ पॉडकास्ट में कही। 

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'जोश में होश न खोएं, वरना नुकसान होगा'
रिजिजू ने संसद के अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि मैं 2004 से संसद में हूं। मैंने कभी भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, खासकर वरिष्ठों के साथ। उन्होंने कहा कि अटल जी से मैंने सीखा कि समय के साथ सम्मान और वरिष्ठता मिलती है, जल्दी करने से नहीं। उन्होंने महुआ मोइत्रा के डरिए मत वाले बयान को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। रिजिजू ने कहा कि भावुक भाषण और अनादर के बीच एक पतली रेखा होती है, जिसे पार करना संसदीय गरिमा के खिलाफ है।

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सदन में महुआ मोइत्रा से जुड़े विवाद का जिक्र

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रिजिजू ने संसद में जज बीएच लोया की मौत का जिक्र करने को लेकर महुआ मोइत्रा की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थीं। उन्होंने एक संवेदनशील मुद्दे को जोड़कर हमारे एक वरिष्ठ मंत्री पर आरोप लगाया, इसलिए मुझे जवाब देना पड़ा। लेकिन उन्होंने इसे धमकी समझा। अध्यक्ष को तय करना है कि क्या कार्रवाई करनी है। बता दें कि बीते दिनों सदन में हुई तीखी बहस को लेकर महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि रिजिजू ने संसद में उन्हें धमकाया है, जो संसदीय नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्था आईपीयू से भी इसकी शिकायत की।

संसदीय समन्वय की भूमिका पर बोले रिजिजू
रिजिजू ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री के रूप में विपक्ष और सरकार के बीच तालमेल बिठाना एक चुनौतीपूर्ण काम है। उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं से बात करता हूं, उनके घर भी जाता हूं। कई बार तीखी बहस होती है, लेकिन यही संसदीय लोकतंत्र की खूबी है।

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वक्फ संशोधन बिल और जेपीसी विवाद पर भी बोले रिजिजू

वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में हुए विवाद को लेकर भी रिजिजू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि कुछ सदस्य नाराज हो गए थे और गुस्सा दिखाकर अपनी राय रखी। लेकिन समिति में सबकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जब उन्हें जरूरी विधेयकों को समय पर पास कराना होता है, तो कुछ लोग उन्हें 'बुलडोजर मंत्री' कह देते हैं। इसके साथ ही रिजिजू ने अंत में कहा कि संसद में अनुभव, सम्मान और संवाद की परंपरा को सभी को बनाए रखना चाहिए। “कठोर रुख और हड़बड़ी से लोकतंत्र नहीं चलता, सबको मिलकर रास्ता निकालना चाहिए।

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