जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल-हुसैन मंगलवार को भारत के तीन दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। उनके इस दौरे पर दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा समेत कई अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय रिश्तों के विस्तार पर बातचीत होगी। किंग अब्दुल्ला इस्लामी विरासत और संयम पर एक विशेष संबोधन देंगे।
पैगंबर मुहम्मद के 41वीं पीढ़ी के वंशज हैं किंग अब्दुल्ला
किंग अब्दुल्लाह द्वितीय बिन अल हुसैन पैगंबर मुहम्मद के 41वीं पीढ़ी के वंशज हैं और उन्हें कट्टरवाद और आतंकवाद से लड़ने के लिए वैश्विक पहल के लिए जाना जाता है। वह अल-अक्सा मस्जिद के संरक्षक भी हैं, जो इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल है।
यह मस्जिद यरुशलेम के पुराने शहर में स्थित है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि किंग के दौरे से दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत होंगे। भारत संघर्ष से भरे पश्चिम एशिया में जॉर्डन को स्थिरता और सद्भाव के मरु उद्यान के तौर पर देखता है।
दोनों देश रक्षा सहयोग की रूपरेखा को अंतिम रूप देंगे। जॉर्डन के राजा के साथ एक उच्च स्तरीय बिजनेस प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है। किंग अब्दुल्ला प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति कोविंद उनके सम्मान में बृहस्पतिवार को एक भोज आयोजित कर रहे हैं।