विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर काफी उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से अहम बदलाव होंगे। उन्होंने साथ ही भरोसा जताया कि समझौते के लिए तय समयसीमा के भीतर पारस्परिक रूप से लाभकारी निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकेगा।
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उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में कहा कि यूरोप और भारत निर्भरता को कम करके एकसाथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देश महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर सहयोग बढ़ाकर और आपूर्ति-श्रृंखला के पुनर्गठन के जरिए एक-दूसरे की रणनीतिक स्वायत्तता का समर्थन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए दोनों पक्षों के रिश्ते के लिए अहम बदलाव लाएगा। हम पारस्परिक रूप से लाभकारी नतीजे तक पहुंचने के लिए तय समयसीमा के भीतर बातचीत पूरी करने के लिए तत्पर हैं। दरअसल, भारत और यूरोपीय संघ ने आठ साल के बाद पिछले वर्ष जून में लंबे समय से लंबित व्यापार और निवेश समझौते के लिए बातचीत फिर शुरू की थी।