नेपाली इंजीनियरिंग छात्र की कथित आत्महत्या और उसके बाद कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में नेपाली छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बीच संस्थान के संस्थापक अच्युत सामंत ने गुरुवार को एक सार्वजनिक बयान जारी किया। इस बयान में उन्होंने नेपाली छात्रों के माता-पिता से माफी मांगी और सभी छात्रों से अपील की कि वे परिसर में लौटकर अपनी कक्षाओं में शामिल हों।
संस्थान के संस्थापक सामंत ने मांगी माफी
साथ ही सामंत ने नेपाल के छात्रों से अनुरोध किया कि वे अपने विश्वविद्यालय में वापस लौटें और कक्षाओं में भाग लें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उनके शिक्षा, कैंपस प्लेसमेंट या अनुशासन संबंधी कोई नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा, उन्होंने केआईआईटी में पढ़ रहे नेपाली छात्रों के माता-पिता से माफी मांगी और कहा कि वे सभी छात्रों से जल्दी मिलने के लिए उत्सुक हैं।
ओडिशा सरकार ने लिखा था पत्र
इससे पहले, ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने अच्युत सामंत को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्हें 21 फरवरी को राज्य अतिथि गृह में उच्च स्तरीय समिति के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। यह समिति आत्महत्या के कारणों और संस्थान द्वारा किए गए कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। साथ ही, समिति ने यह भी जांचने का अधिकार लिया है कि क्यों केवल नेपाली छात्रों के एक विशेष समूह को नोटिस जारी किया गया और परिसर बंद किया गया।
इसके बाद पुलिस ने 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप था कि उसने महिला को आत्महत्या के लिए उकसाया था। आरोपी को बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया जब वह शहर छोड़ने की कोशिश कर रहा था। उस पर ब्लैकमेल करने और गाली देने का आरोप है।
समान्य होती हुई स्थिति..
हालांकि केआईआईटी में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और छात्र कक्षाओं में लौटने लगे हैं। देखा जाए तो परिसर के बाहर विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन जारी है, जिसमें नेपाली छात्रा की मौत और नेपाली छात्रों पर हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।