नागपुर में एक हिंदू व्यक्ति ने मुसलमान से किडनी स्वैप करके नयी मिसाल कायम की है। दरअसल, किडनी के दो मरीज थे एक तीस वर्षीय हिंदू खामगांव से और एक 35 वर्षीय मुसलमान कांपटी से, दोनों काफी दिनों से डायलीसिस पर चल रहे थे।
उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत थी। उन दोनों के ब्लडग्रुप किसी भी परिजन से न मिल पाने के कारण डॉक्टरों की सलाह पर दोनों परिवार वालों ने किडनी की अदला-बदली करने का फैसला लिया।
खामगांव के मरीज की बहन वॉकहार्ड अस्पताल के यूरोसर्जन डॉक्टर संजय कोल्टे की तारीफ करते नहीं थक रही हैं। वह कहती हैं कि डॉक्टर साहब न होते तो उसके भाई की जान नहीं बच पाती। जात-पात तो मनुष्यों की बनायी दूरियां हैं। सभी इंसानों का शरीर तो बराबर है। खामगांव वाले परिजन के पास पैसा न होने की वजह से उन लोगों ने चंदे से इकट्ठा हुए धन से किडनी का ऑपरेशन करवाया।