सलमान और आमिर खान जैसे फिल्मी अभिनेताओं को सिक्स पैक्स ऐब बॉडी बनाते देख युवाओं में भी उन्हीं की तरह बॉडी बनाने का शौक चढ़ गया है। इसके चक्कर में युवा जिम में जाकर खूब पसीना भी बहा रहे हैं। लेकिन अक्सर जिम का ट्रेनर उन्हें बताता है कि सिर्फ पसीना बहाने से सिक्स पैक्स ऐब्स नहीं बनेंगे, बल्कि इसके लिए उन्हें 'स्पेशल सप्लीमेंट फूड' लेने होंगे। ये सप्लीमेंट कई मामलों में युवाओं के लिए बॉडी बनाने की बजाय बड़ी परेशानी पैदा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये सप्लीमेंट युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर और पेशाब में खून आने की समस्या पैदा कर रहे हैं। कई मामलों में इसके कारण किडनी खराब होने की समस्या भी आ रही है। दिल्ली के बीएलके अस्पताल के डायरेक्टर हेड डॉ. सुनील प्रकाश के मुताबिक किसी सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन 50 से 60 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। लेकिन जिम ट्रेनर युवाओं की शारीरिक क्षमताओं का चिकित्सकीय आधार पर विश्लेषण किये बिना हाई प्रोटीन डाइट लेने की सलाह देते हैं।
कई बार युवाओं को 500 ग्राम से ज्यादा प्रोटीन के सप्लीमेंट दिये जाते हैं। ज्यादा जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में युवा रोज 30 से 40 अंडे तक लेना शुरू कर देते हैं। शारीरिक कार्य क्षमता के मामले में यह बहुत अधिक होता है जिसका नुकसान शरीर को झेलना पड़ता है। डॉ. सुनील प्रकाश के मुताबिक, प्रोटीन को पचाने की प्रक्रिया में किडनी को बहुत अधिक अतिरिक्त काम करना पड़ता है।
इससे किडनी की क्षमता प्रभावित होती है। उनके पास अनेक ऐसे युवा आ रहे हैं जिनके किडनी की कार्य क्षमता बीस से तीस साल की उम्र में भी बेहद प्रभावित हो चुकी है। कुछ लोगों को डायलसिस लेने की भी जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं के परीक्षण के दौरान उनके हाई प्रोटीन डाइट लेने की बात सामने आई है।
क्या है खराबी, क्या करें
विशेषज्ञ के मुताबिक, हाई प्रोटीन डाइट ज्यादातर मामलों में मिलावटी भी होती है। इसके शरीर-स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षण भी नहीं किया गया होता है, इसलिए इनका शरीर पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। विशेषज्ञ की सलाह है कि युवाओं को इस तरह के हाई प्रोटीन डाइट नहीं लेने चाहिए और बॉडी बिल्डिंग करते समय किसी विशेषज्ञ से लगातार परामर्श करते रहना चाहिए।