कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को असम में आगामी चुनावों के लिए अपनी पार्टी की "पांच गारंटी" की घोषणा की। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा, भूमि अधिकार और जुबीन गर्ग मृत्यु मामले में न्याय पर जोर दिया।
असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को राज्य के लखीमपुर जिले के नाओबोइचा में आयोजित रैली में कांग्रेस की ओर से ‘पांच गारंटी’ का एलान किया। इन गारंटियों में महिलाओं, स्वास्थ्य, भूमि अधिकार और जस्टिस जैसे मुद्दों पर फोकस किया गया है।
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महिलाओं के लिए मासिक सहायता का वादा
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने नकद सहायता दी जाएगी। इसके अलावा जो महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू करना या बढ़ाना चाहती हैं, उन्हें 50,000 रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रांसफर बिना किसी शर्त के होगा।
सभी परिवारों को 25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
खरगे ने घोषणा की कि कांग्रेस सरकार बनने पर राज्य के सभी परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 1,250 रुपये देने का भी वादा किया गया।
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भूमि अधिकार और अन्य वादे
कांग्रेस ने 10 लाख स्वदेशी लोगों को स्थायी भूमि पट्टा देने का वादा किया है। इसके अलावा जुबीन गर्ग मौत मामले में 100 दिनों के भीतर न्याय सुनिश्चित करने की भी बात कही गई।
भाजपा सरकार पर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य की भाजपा सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेताओं के परिवार के सदस्य भी इसमें शामिल हैं। खरगे ने कहा कि भाजपा असम में अपनी "डबल इंजन" सरकार का उपयोग दिल्ली में अपने नेताओं की तिजोरी लूटने और भरने के लिए कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा। खरगे ने सरमा को "नकली मुख्यमंत्री" बताया।
खरगे ने कहा कि भाजपा ने दो हजार इक्कीस का चुनाव सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में लड़ा था। लेकिन चुनाव के बाद, सरमा ने आदिवासी नेता सोनोवाल को असम के मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाने के लिए हटा दिया। खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि सरमा की सरकार लोगों को डरा रही है। वह भय का माहौल बना रही है और राज्य के लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है।