फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Khabaron Ke Khiladi: पहलगाम हमले के बाद कब होगा पाकिस्तान का हिसाब, विश्लेषकों ने बताया भारत कैसे सिखाएगा सबक

Sat, 03 May 2025 05:02 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। अब पूरी दुनिया इस मसले पर भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। कार्रवाई के तरीके पर हर ओर चर्चाएं जारी हैं। इसी मुद्दे पर खबरों के खिलाड़ी में भी चर्चा हुई। 
विज्ञापन
खबरों के खिलाड़ी में विश्लेषकों ने बताया भारत कैसे सिखाएगा सबक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद से हर कोई पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कर रहा है। भारत इसे लेकर क्या करेगा इस पर सभी की निगाहें है। सरकार क्या कार्रवाई करेगी और कब ये कार्रवाई होगी हर कोई इस पर चर्चा कर रहा है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इन्हीं सवालों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार, राजकिशोर, अनुराग वर्मा और रीमा शर्मा मौजूद रहे।  
विज्ञापन


राजकिशोर: सबको ये समझना पड़ेगा कि यह कोई वीडियो गेम नहीं चल रहा है। इस बार प्रधानमंत्री का बयान थोड़ा अलग था। इस बार चूक तो हुई है, इस पर जावबदेही तय करनी पड़ेगी। क्या करना है इसकी बात करें तो एक बात मानकर चलिए कि पाकिस्तान को अलग-थलग करने से उसे सबसे ज्यादा परेशानी हुई है। पानी रोकने वाली बात जहां तक है तो इसकी शुरुआत हो चुकी है। पाकिस्तान का खंड-खंड होना ये नियति है। भारत प्रतिशोध तक सीमित नहीं रह सकता है। आप भरोसा रखिए कि वाकई पाकिस्तान के लिए बहुत विकट स्थिति में है। उसके ऊपर दंडात्मक कार्रवाई चल रही है और बहुत अच्छे से चल रही है। ये मैं आपको बता सकता हूं। 

अवधेश कुमार:  सरकार ने चूक को माना है। सर्वदलीय बैठक में इसे स्वीकार किया है। 370 की समाप्ति के बाद वहां जिस तरह से स्थितियां बदली हैं, जब हम उसके मानक से इस घटना को देखते हैं तो यह स्थिति भयावह दिखती है। पाकिस्तान की कितनी छटपटाहट है कि वो हर देश से बात कर रहा है। आतंकवादियों को केवल मारकर के आप समाधान नहीं कर सकते हैं। पाकिस्तानी सेना को लहुलुहान करना होगा। 

रीमा शर्मा: कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक में सरकार का साथ दिया है। मुझे लगता है कि नेता प्रतिपक्ष ने जो स्टैंड लिया है, हमें उसे मानना चाहिए। ये लोग पाकिस्तान के खिलाफ खुले मन से क्यों नहीं बोल रहे हैं, ये सवाल केवल सियासी है। टारगेट तो होना ही चाहिए, मुझे लगता है कि इस पूरी साजिश को रचने वाला जनरल मुनीर इस बार भारत का टारगेट है। इंटेलिजेंस फेल्योर हुआ है ये सरकार ने भी माना है। अब आतंकवाद को पालने वालों को जड़ से खत्म करने का टाइम आ गया है। 
विज्ञापन

अनुराग वर्मा: चल कुछ न कुछ दोनों तरफ रहा है। जो चल रहा है उससे पहले हमें ये देखना होगा कि जो चल रहा है उससे पहले क्या चल रहा है। पाकिस्तान में पहली बार ऐसा हो रहा है जब पाकिस्तान की सेना के हाथ से देश निकल गया है। पाकिस्तानी सेना का लोगों पर से नियंत्रण खत्म हो गया है। पाकिस्तानी सेना का पिछले वक्त में बहुत नुकसान हुआ है। रेल हाइजैक ने सेना की छवि का बहुत नुकसान किया। इसी वजह से उन्होंने कश्मीर में आतंकी हमले को प्लान किया और एग्जिक्यूट किया गया। इससे पाकिस्तान सेना प्रमुख ने अपने ऊपर से ध्यान हटाया। ये करके मुनीर ने सेना प्रमुख के रूप में अपनी जिंदगी थोड़ी बढ़ा ली।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें