ब्रिक्स सम्मेलन का गोवा में होगा आयोजन
- फोटो : Getty
गोवा में 15 और 16 अक्टूबर को होने जा रहे 8वें ब्रिक्स समिट में मोदी सरकार को कूटनीति के कई मोर्चों पर अग्निपरीक्षा के दौर से गुजरना होगा। भारत की कोशिश इस मंच पर भी सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स के सदस्य देशों को एकजुट करने की है। हालांकि समिट में भाग लेने से पहले ही चीन ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता हासिल करने और आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने की भारत के प्रयास को पलीता लगाने का साफ संदेश दे दिया है।
भारत के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण देश रूस ने यह संदेश भेज कर नई परेशानी खड़ी कर दी है कि वह पाकिस्तान से भी सैन्य सहयोग समझौते का इच्छुक है। अन्य सदस्य देशों में ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ने फिलहाल सीमा पार आतंकवाद पर अपना रुख साफ नहीं किया है। हालांकि समिट के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के साथ होने वाली वार्ता के दौरान इन मुद्दों को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश की जाएगी।