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सूखे को लेकर बैठक कर रहे थे कृषि मंत्री: सांसद खाने लगे काजू-बादाम, बवाल मचा तो बोले- सामने था तो क्या न खाता?

Sat, 19 Sep 2026 07:22 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, मुंबई

सार

नांदेड में किसानों की समस्याओं और सूखे जैसे हालात पर हुई बैठक में शिवसेना सांसद संजय जाधव के काजू-बादाम खाते हुए वीडियो पर विवाद हो गया। जाधव ने सफाई देते हुए कहा कि ध्यान खाने पर नहीं, किसानों के मुद्दों पर हुई चर्चा पर होना चाहिए।  
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संजय जाधव, सांसद, शिवसेना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र के नांदेड जिले में सूखे जैसे हालात और किसानों की परेशानी को लेकर बुलाई गई बैठक में शिवसेना के लोकसभा सांसद संजय जाधव काजू-बादाम खाते नजर आए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी नेताओं और कई लोगों ने उन्हें किसान संकट के बीच असंवेदनशील रवैये के लिए घेरा। अब जाधव ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष किसानों की समस्याओं को लेकर राजनीति कर रहा है।

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बैठक में हुई चर्चा पर ध्यान देने की बात
परभणी से सांसद संजय जाधव ने कहा कि विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार किया था। उनके मुताबिक, बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, ध्यान उन पर होना चाहिए, न कि बैठक में परोसे गए खाने पर। उन्होंने कहा, 'विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार किया। ध्यान बैठक में उठाए गए मुद्दों पर होना चाहिए, न कि प्रतिभागियों को परोसे गए खाने पर।'

काजू-बादाम खाते वीडियो हुआ वायरल
दरअसल, राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान जाधव के सामने एक प्लेट रखी थी, जिसमें बादाम और काजू थे। बैठक के दौरान उन्हें इन्हें खाते हुए देखा गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद विपक्षी नेताओं और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके व्यवहार को किसानों की परेशानी के बीच असंवेदनशील बताया। इस पर जाधव ने कहा, 'जब आपके सामने प्लेट पर खाना रखा हो तो क्या आप उसे खाएंगे नहीं? वहां प्लेट किसने रखी थी? गलती उस व्यक्ति की थी, जिसने प्लेट वहां रखी।'
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किसानों के लिए तत्काल मदद की मांग
जाधव ने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने सरकार से सूखे जैसे हालात से प्रभावित किसानों के लिए तत्काल और व्यापक सहायता की घोषणा करने की जोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी के कारण किसान परेशान हैं और सरकार को उनकी स्थिति को देखते हुए जल्द मदद का ऐलान करना चाहिए। इसी बीच कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे जब जिला कलेक्टर कार्यालय में पहले से तय समीक्षा बैठक में शामिल होने जा रहे थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी विश्राम गृह के पास मंत्री के काफिले को घेर लिया और नारेबाजी की।

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मराठवाड़ा को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कुछ किसानों ने मंत्री को सूख चुके सोयाबीन के पौधे भी सौंपे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि राज्य सरकार मराठवाड़ा को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करे। इसके साथ ही उन्होंने किसानों के कृषि ऋण माफ करने और फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग भी उठाई।

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