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पुणे हत्याकांड: 'कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सकी पुलिस', वकीलों ने बताया सिया-चेतन की रिमांड क्यों नहीं मिली?

सार

केतन अग्रवाल हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने पुलिस की ओर से मांगी गई अतिरिक्त रिमांड को खारिज करते हुए मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस रिमांड बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार पेश नहीं कर सकी, जबकि पुलिस ने इस सुनवाई में पॉलीग्राफ टेस्ट की भी मांग नहीं की।
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सिया और चेतन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में शुक्रवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। अदालत ने पुलिस की ओर से पेश किए गए आधारों को पर्याप्त नहीं माना और दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

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सिया के वकील ने पुलिस की दलीलों पर उठाए सवाल
आरोपी सिया गोयल की ओर से पेश अधिवक्ता विपुल दुशिंग ने कहा, 'पुलिस ने रिमांड बढ़ाने के लिए पांच आधार अदालत के सामने रखे थे, लेकिन हमने दलील दी कि वे पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने हमारी दलीलों से सहमति जताई और सिया को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।' 
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पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग क्यों नहीं की गई?
विपुल दुशिंग ने आगे कहा, 'पुलिस ने आज पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की कोई मांग नहीं की। मेरा मानना है कि जांच एजेंसी को इस चरण में इसकी आवश्यकता नहीं लग रही है। आगे की कानूनी रणनीति हम तभी तय करेंगे, जब पुलिस की ओर से कोई आवेदन दाखिल किया जाएगा और उसकी प्रति हमें उपलब्ध होगी।' 
 

चेतन के वकील क्या बोले?
आरोपी चेतन चौधरी की ओर से पेश अधिवक्ता राधिकेश उत्तरवार ने कहा, 'आज दोनों आरोपियों को माननीय अदालत के समक्ष पेश किया गया। जांच अधिकारी (आईओ) ने पुलिस हिरासत बढ़ाने के लिए करीब पांच आधार रखे। हालांकि, अदालत ने पुलिस और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद माना कि पुलिस द्वारा बताए गए आधार पर्याप्त नहीं हैं।'

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अब कहां भेजे जाएंगे दोनों आरोपी?
राधिकेश उत्तरवार ने कहा, 'अदालत का मानना था कि पहले ही 12 दिन की पुलिस हिरासत दी जा चुकी है, जो जांच के लिए पर्याप्त थी। इसलिए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अब उन्हें सेंट्रल जेल भेजा जाएगा।' 

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