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'चुनावी लोकतंत्र को मोदी-शाह से सबसे बड़ा खतरा': विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र; कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?

Fri, 03 Jul 2026 06:40 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार से लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा है। वहीं, 24 विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट से कदम उठाने की अपील की है। पढ़िए रिपोर्ट-
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केसी वेणुगोपाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र को मौजूदा सरकार से सबसे बड़ा खतरा है। पार्टी ने यह बात उस समय कही है, जब विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और जवाबदेही को बहाल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से कदम उठाने का आग्रह किया।
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विपक्षी दलों ने सीजेआई को लिखे पत्र में क्या कहा?
विपक्षी दलों के कई नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने कहा कि जब संस्थागत व्यवस्था विफल हो जाती है, तो लोकतंत्र अराजकता में बदल जाता है और जब न्यायपालिका विफल हो जाती है, तो यह गणतंत्र के पूरी तरह टूटने का संकेत देता है। 

इन दलों ने आग्रह किया कि पूरी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को रोक दिया जाए और ऐसे समय में शुरू की जाए, जब अगले विधानसभा चुनाव कम से कम पांच साल दूर हो। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के कथित तौर पर गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, जहां जरूरी हो, वहां मतपत्रों को फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। 
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चुनावी लोकतंत्र को मोदी-शाह से खतरा: कांग्रेस
  • कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर एक पोस्ट में सीजेआई को लिखे इस पत्र को साझा किया।
  • उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की यह जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि अन्याय न हो और चुनावों की निष्पक्षता बनी रहे।
  • उन्होंने कहा, हमारे देश के चुनावी लोकतंत्र को मोदी-शाह सरकार से सबसे गंभीर खतरा है। 
  • वेणुगोपाल ने कहा कि 28 जून को 24 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने सीजेआई को पत्र लिखकर गलत एसआईआर प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की पक्षपाती भूमिका और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों के बारे में बताया।
  • उन्होंने कहा कि यह हमारी न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि वह लोकतंत्र को कार्यपालिका की मनमानी से बचाए, खासकर तब जब वह उस सांविधानिक ढांचे को ही खत्म करने पर अमादा हो, जिससे हमें हमारा लोकतंत्र मिला है। 

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पोस्ट में उन्होंने कहा, हमारे लोकतंत्र में सुप्रीम कोर्ट को अन्याय को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए चुनावों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने में कि वे निष्पक्ष और स्वतंत्र प्रतीत हों, इसकी अहम भूमिका है। इसके बिना 1.4 अरब मतदाताओं के साथ हर दिन अन्याय होता रहेगा। वेणुगोपाल ने कहा, हम पारदर्शिता के लिए और इस उम्मीद में यह पत्र लिख रहे हैं कि माननीय सुप्रीम कोर्ट चुनाव प्रक्रिया की अखंडता, जवाबदेही और करोड़ों लोगों के भरोसे को बहाल करने के लिए सख्त जरूरी कदम उठाएगा। 

सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने भी एक्स पर कहा, यह अहम बात है। इंडिया ब्लॉक की पांच बैठकों के बाद यह पहली बार है, जब भाजपा के विरोधी दलों ने संयुक्त रूप से किसी पत्र या दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। 
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विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे न्यायपालिका पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन अगर सभी संस्थाएं विफल हो जाएं तो लोकतंत्र गंभीर संकट में पड़ जाता है और जनता की आखिरी उम्मीद अदालतें होती हैं।
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